जंतर मंतर को विरोध स्थल बनाने के फैसले पर भड़के मनोज झा, कहा- 'यह सरकार के डर को दर्शाता है'

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने जंतर मंतर को एक निर्धारित विरोध स्थल (प्रोटेस्ट साइट) के रूप में हटाए जाने के फैसले पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस कदम को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह के दमनकारी व्यवहार से सरकार की कमजोरी झलकती है। मनोज झा का मानना है कि सरकार जनता की आवाज और उनके असंतोष से डर रही है, इसीलिए उसने इस ऐतिहासिक स्थल को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है।
मनोज झा ने एक बयान में कहा कि जंतर मंतर का अपना एक ऐतिहासिक महत्व है और यह भारत के लोगों की आवाज बुलंद करने की जगह रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "भगवान जाने किस डर ने आपको जंतर मंतर जैसे विरोध स्थल को छीनने पर मजबूर किया। यकीन मानिए, अगर आज नहीं तो कल लोग इसे वापस लेंगे।" उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि उन लोगों से और क्या उम्मीद की जा सकती है जिन्होंने अपने जीवन में कभी विरोध प्रदर्शन नहीं किया।
पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक टकराव
इस बीच, जंतर मंतर के पास विरोध प्रदर्शन के दौरान 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के तीन कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इन कार्यकर्ताओं ने निजी परिसर के जरिए प्रतिबंधित जंतर मंतर स्थल में घुसने की कोशिश की और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली। इनमें से दो कार्यकर्ताओं, सौरव दास और आशुतोष रंका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि तीसरे कार्यकर्ता अजिंक्य शिंदे को छह महीने तक शांति बनाए रखने के लिए पाबंद किया गया है। पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं।
वहीं, दूसरी ओर राजनीतिक माहौल तब और गरमा गया जब भाजपा सांसद तरुण चुघ और शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी पर घुसपैठियों को बचाने और चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीति करने का आरोप लगाया। शाइना एनसी ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा किया जा रहा विशेष गहन संशोधन (SIR) उसका संवैधानिक कर्तव्य है, जबकि राहुल गांधी वोट बैंक के लिए बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं का समर्थन कर रहे हैं। तरुण चुघ ने भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी लोकतंत्र और चुनाव आयोग को निशाना बनाकर देश विरोधी अभियान चला रहे हैं।