केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 50 शहरों को स्वच्छता मॉडल बनाने के लिए 'प्रगति-50' पहल की शुरुआत की

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने आधिकारिक तौर पर 'प्रगति-50' पहल की शुरुआत की है। यह एक रणनीतिक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य भारत भर के 50 चयनित शहरों को शहरी स्वच्छता में उत्कृष्टता के मॉडल के रूप में विकसित करना है। इस पहल की घोषणा 29 सितंबर 2026 को की गई। यह कार्यक्रम शहरों को ठोस कचरे के प्रबंधन, प्रयुक्त पानी के प्रबंधन और स्वच्छता सेवाओं की समग्र गुणवत्ता में उच्च प्रदर्शन मानक स्थापित करने के लिए आगे बढ़ाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 51वें 'प्रगति' सम्मेलन के निर्देशों के तहत शुरू की गई यह परियोजना 'स्वच्छ भारत मिशन-अर्बन 2.0' (एसबीएम-यू 2.0) के दायरे में काम करती है और 'विकसित भारत 2047' के विजन को पूरा करने में महत्वपूर्ण है। चिन्हित किए गए 50 शहर 24 राज्यों में फैले हुए हैं। इनमें दिल्ली, मुंबई, पटना, गया, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, अयोध्या, मथुरा, अहमदाबाद, फरीदाबाद, शिमला, जम्मू, बेंगलुरु, उज्जैन, भोपाल, सूरत, गुरुग्राम, इंदौर, रायपुर और बिलासपुर जैसे प्रमुख महानगर और सांस्कृतिक केंद्र शामिल हैं। कार्यों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने पुष्टि की है कि वह हर दो महीने में व्यक्तिगत रूप से इन शहरों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। निगरानी के लिए 'स्वच्छता पोर्टल' में एकीकृत एक विशेष डिजिटल प्रणाली बनाई गई है, जिसे 'प्रगति' डिजिटल समीक्षा प्रणाली कहा जाता है। इसके अलावा, मंत्रालय के अधिकारियों को नियमित देखरेख और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए विशेष शहर सौंपे गए हैं। आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने बताया कि यह पहल इन शहरों को एक तय समय सीमा के भीतर 'कचरा-मुक्त शहर' का दर्जा दिलाने में मददगार साबित होगी। इस लॉन्च के साथ ही, मंत्रालय ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुसार कचरे के स्रोत पर अलगाव के लिए नए दिशा-निर्देश और निर्माण व विध्वंस कचरे के संग्रह के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की है।