NDMC क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण का जायजा लेने पहुंचे मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) क्षेत्र के विभिन्न इलाकों का दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शहर में प्रदूषण को कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा करना और यह सुनिश्चित करना था कि नियमों का सख्ती से पालन हो रहा है या नहीं।
निरीक्षण के दौरान मंत्री सिरसा ने स्पष्ट किया कि मौजूदा नियमों के मुताबिक, 3,000 वर्ग मीटर से अधिक के निर्माण स्थलों और ऊंची इमारतों के प्रोजेक्ट्स के लिए एंटी-स्मॉग गन या वॉटर मिस्ट सिस्टम लगाना अनिवार्य है। उन्होंने जोर दिया कि धूल को उसके स्रोत पर ही रोकना बेहद जरूरी है ताकि हवा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
पूर्व सरकार पर साधा निशाना, कार्रवाई की चेतावनी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी यात्रा की जानकारी साझा करते हुए मंत्री सिरसा ने दिल्ली के प्रदूषण संकट के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पिछली आम आदमी पार्टी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों तक प्रशासन ने केवल राजनीतिक विज्ञापनों पर ध्यान दिया और दूसरों पर दोष मढ़ने का काम किया, जबकि जनता जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर रही।
सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में अब बहानों का दौर खत्म हो गया है और ठोस कार्रवाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार लगातार साइट निरीक्षण करेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
राहत की बात यह है कि 17 अक्टूबर तक दिल्ली में 211 दिन 'अच्छी', 'संतोषजनक' या 'मध्यम' वायु गुणवत्ता दर्ज की गई है। कोविड-19 प्रभावित वर्ष 2020 को छोड़कर, यह 2016 के बाद शहर का सबसे बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है। मंत्री ने विश्वास दिलाया कि दिल्लीवासियों को स्वच्छ हवा देने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।