वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप: मनीषा भनवाला ने रचा इतिहास, गोल्ड जीतकर देश का नाम किया रोशन
भारतीय पहलवान मनीषा भनवाला ने सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 में गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया है। दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत हुआ।

भारतीय कुश्ती के लिए एक सुनहरा अध्याय लिखते हुए मनीषा भनवाला ने सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली देश की पहली महिला पहलवान बन गई हैं। कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित इस प्रतियोगिता के 59 किग्रा वर्ग के फाइनल में मनीषा ने अपनी अविश्वसनीय इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए अमेरिका की अबीगेल एलिजाबेथ नेट को मात दी।
इस ऐतिहासिक जीत के बाद जब मनीषा 1 नवंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचीं, तो वहां उनका भव्य स्वागत किया गया। अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए मनीषा ने कहा, "कुछ लोग इतिहास रचने के लिए ही पैदा होते हैं, और शायद मैं उन्हीं में से एक थी। इस एहसास को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।"
0-6 से पिछड़ने के बाद की शानदार वापसी
फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक था, जहां एक समय मनीषा 0-6 से पिछड़ रही थीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और मैच के दूसरे हिस्से में जबरदस्त वापसी करते हुए 8-6 से जीत दर्ज की। मनीषा ने बताया कि शुरुआत में मुकाबला कठिन था, लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी की ऊर्जा की खपत को अपने फायदे में बदला और सही समय पर हमला कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के तहत आयोजित ट्रेनिंग कैंपों को दिया। उन्होंने कहा कि इन कैंपों और संघ के सहयोग ने उनकी तैयारी में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। अब उनका पूरा ध्यान अगले साल के लिए अपनी रिकवरी और चोटों से बचने पर है, ताकि वह अपनी लय बरकरार रख सकें।
मनीषा की इस जीत से उनके परिवार में जश्न का माहौल है। उनकी मां मीना देवी ने गर्व जताते हुए कहा कि उनकी बेटी ने दुनिया को दिखा दिया कि वह क्या कर सकती है। उन्होंने अन्य माता-पिता से भी अपील की कि वे अपनी बेटियों के सपनों को पंख दें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।
इस चैंपियनशिप में भारतीय महिला दल का प्रदर्शन शानदार रहा और कुल चार पदक जीते। मनीषा के गोल्ड के अलावा काजल धोचक और नीलम सिरोही ने सिल्वर मेडल जीते, जबकि तनु शर्मा ने 72 किग्रा वर्ग में ब्रोंज मेडल हासिल किया।