यौन उत्पीड़न मामला: मणिपुर सांसद बिमोल अकोईजम की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने की निस्तारित
यौन उत्पीड़न मामले में मणिपुर सांसद बिमोल अकोईजम की अग्रिम जमानत याचिका पर राउज एवेन्यू कोर्ट का अहम फैसला। जानें क्या कहा दिल्ली पुलिस ने।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मणिपुर के सांसद और जेएनयू प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोईजम की अग्रिम जमानत याचिका पर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस याचिका को निस्तारित कर दिया है, क्योंकि दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल उनकी तत्काल गिरफ्तारी की कोई योजना नहीं है।
दरअसल, बिमोल अकोईजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसमें 11 महिला छात्राओं ने अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं। इस मामले में वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस ने कोर्ट में दिए अपने जवाब में कहा कि यदि भविष्य में जांच के दौरान उनकी गिरफ्तारी जरूरी महसूस हुई, तो उन्हें सात दिन पहले नोटिस दिया जाएगा।
जांच में सहयोग और कोर्ट की शर्तें
विशेष न्यायाधीश दिग विनय सिंह ने पुलिस के जवाब और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद यह आदेश दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि आरोपी को फिजिकल नोटिस दिया जाएगा और उन्हें अपने दो परिचित व्यक्तियों के नाम देने होंगे। साथ ही, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यदि आरोपी जांच में सहयोग नहीं करते हैं, तो जांच अधिकारी (IO) दोबारा कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मनीष रावत और जांच अधिकारी कविता राव पेश हुए। वहीं, आरोपी के वकील ने दलील दी कि अकोईजम ने जांच में पूरा सहयोग किया है और वह पहले ही जांच अधिकारी के सामने पेश हो चुके हैं। वकील ने यह भी दावा किया कि मामला किसी पीड़ित महिला की सीधी शिकायत पर आधारित नहीं है और शिकायतकर्ता अब जांच में शामिल नहीं हो रहे हैं।
बता दें कि यह मामला पहले पटियाला हाउस कोर्ट में गया था, लेकिन चूंकि अकोईजम एक मौजूदा सांसद हैं, इसलिए क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) के चलते इसे राउज एवेन्यू कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके अलावा, हाई कोर्ट ने जेएनयू द्वारा उनकी सेवा समाप्ति पर फिलहाल रोक लगा रखी है।