गुरुग्राम: मानेसर में 5 नवंबर से निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर पूर्ण रोक
वायु प्रदूषण रोकने के लिए मानेसर नगर निगम ने 5 नवंबर से निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई।

बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए गुरुग्राम प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) के निर्देशों के बाद अब मानेसर नगर निगम क्षेत्र में मानेसर निर्माण कार्य रोक के आदेश लागू किए गए हैं। 5 नवंबर से आगामी आदेशों तक इस क्षेत्र में किसी भी तरह के निर्माण या तोड़फोड़ कार्य की अनुमति नहीं होगी।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप सिंह ने स्पष्ट किया है कि ग्रैप-2 (GRAP-2) के तहत इन नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होंने उन लोगों को चेतावनी दी है जो अभी निर्माण कार्य कर रहे हैं कि वे तुरंत जरूरी इंतजाम करें। आदेश के मुताबिक, ईंट, बजरी, रेत और रोड़ी जैसी निर्माण सामग्री को पूरी तरह ढककर रखना अनिवार्य है, ताकि हवा चलने पर धूल न उड़े और प्रदूषण और न बढ़े।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त गाइडलाइंस
प्रशासन ने निर्माण स्थलों के लिए कुछ कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- निर्माण साइटों पर लगातार पानी का छिड़काव करना होगा।
- धूल रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जाए।
- पूरी साइट को हरी चादर या उपयुक्त कपड़े से ढका जाना चाहिए ताकि धूल बाहर न निकले।
आयुक्त प्रदीप सिंह ने बिल्डरों, ठेकेदारों, आरडब्ल्यूए और औद्योगिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे इसे केवल सरकारी आदेश न मानकर जनहित में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रदूषण का सबसे बुरा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों पर पड़ता है, इसलिए यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
निगम की टीमें पहले से ही क्षेत्र में सर्वे कर रही हैं और सामग्री ढकने व पानी के छिड़काव की जांच की जा रही है। आयुक्त ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी इन नियमों की अनदेखी करेगा, उसका तुरंत चालान किया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।