दिल्ली: पुलिसकर्मी का फर्जी AI वीडियो वायरल करने वाला शख्स गिरफ्तार, साजिश का खुलासा

राजधानी दिल्ली में तकनीक का गलत इस्तेमाल कर पुलिस की छवि खराब करने की कोशिश करने वाले एक व्यक्ति को दिल्ली पुलिस ने धरदबोचा है। आरोपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से एक ऐसा फर्जी वीडियो बनाया, जिसमें पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति को महिला के साथ बदसलूकी करते दिखाया गया था। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर सीसीटीवी फुटेज बताकर फैलाया जा रहा था ताकि लोगों को गुमराह किया जा सके।
अतिरिक्त डीसीपी (नई दिल्ली) मनजीत ने बताया कि यह मामला 3 अक्टूबर को सामने आया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इस वीडियो में दावा किया गया था कि चुनाव आयोग के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी महिला के साथ दुर्व्यवहार कर रहा है। पुलिस ने जब इसकी गहराई से जांच की, तो पता चला कि इस वीडियो के पीछे हरियाणा के पलवल का रहने वाला नदीम अहमद था, जो एक चैनल चला रहा था।
नफरत फैलाने और पुलिस पर हमले की थी साजिश
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे किए। नदीम ने बताया कि उसने जानबूझकर AI टूल्स का इस्तेमाल कर यह वीडियो बनाया था। उसका मकसद पुलिस की छवि को धूमिल करना था ताकि प्रदर्शनकारियों के मन में पुलिस के प्रति नफरत पैदा हो और वे पुलिसकर्मियों पर हमला कर दें। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुद को एक स्वतंत्र पत्रकार बताया और कहा कि उसने साकेत के एक मदरसे से 10वीं तक की पढ़ाई की है, हालांकि वह 10वीं फेल है।
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और अन्य समूहों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर मंतर के पास प्रदर्शन किया था। इस दौरान प्रशांत भूषण और कपिल सिब्बल जैसे वरिष्ठ वकीलों सहित कई प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी नदीम सीजेपी (CJP) विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी काफी सक्रिय था, जिससे पुलिस को शक है कि यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
पुलिस ने आरोपी का फोन जब्त कर लिया है और अब यह जांच की जा रही है कि इस काम के लिए उसे फंडिंग कहां से मिल रही थी और इस साजिश में उसके साथ और कौन लोग शामिल थे। आरोपी को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी।