ममता बनर्जी का दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप, द्वारका नॉर्थ थाने में शुरू किया धरना

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें और पांच सांसदों को 'किडनैप' किया गया। शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शनों के बीच हिरासत में लिए जाने के बाद, ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन्हें करीब दो घंटे तक पुलिस की एक जेल वैन में घुमाया गया। इस घटना के विरोध में उन्होंने अपने साथ मौजूद सांसदों के साथ द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन में धरना शुरू कर दिया है।
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए बताया कि वह और उनके पांच सांसद—डेरेक ओ'ब्रायन, प्रतिमा मंडल, डोला सेन, साकेत और श्यामल इस्लाम—पुलिस स्टेशन में धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह शनिवार रात को कोलकाता वापस नहीं लौटेंगी और सोमवार को युवाओं के खिलाफ हो रही कार्रवाई के विरोध में 'INDIA' गठबंधन के मार्च में शामिल होंगी।
जेल वैन में घुमाने और अधिकारों के हनन का दावा
एक वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि वे जंतर-मंतर जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि वे एक बस स्टॉप के पास शांति से बैठे थे और पुलिस के कहने पर अपना बैनर भी हटा दिया था, फिर भी उन्हें जबरन उठा लिया गया। बनर्जी ने नाराजगी जताते हुए कहा, "हमें दो घंटे तक किडनैप करके गाड़ी में घुमाया गया। मैंने कभी जेल वैन का इस्तेमाल नहीं किया, यह अपराधियों के लिए होती है, लेकिन हमें इसमें डाला गया।"
उन्होंने आगे कहा कि वे इस धरने के दौरान पानी तक नहीं पिएंगे और यह विरोध प्रदर्शन 48 से 72 घंटों तक चल सकता है। ममता बनर्जी ने इस पूरी कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह पुलिस को दोष नहीं दे रही हैं, क्योंकि पुलिस केवल अपने 'मास्टरमाइंड' के निर्देशों का पालन कर रही है।
ममता बनर्जी ने छात्रों, किसानों और महिलाओं पर हो रहे कथित अत्याचारों का जिक्र करते हुए इसे 'सुपर इमरजेंसी' जैसा माहौल बताया। उन्होंने महालया के अवसर पर राक्षसों के अंत की बात करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की।