निशिकांत दुबे मानहानि केस: महुआ मोइत्रा और पूर्व वित्त सचिव गर्ग हटाएंगे विवादित बयान

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और पूर्व वित्त सचिव एस सी गर्ग दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि मामले में विवादित बयान हटाने को राजी।

Kittu Kumari27 October 20261 min read0 viewsNational
निशिकांत दुबे मानहानि केस: महुआ मोइत्रा और पूर्व वित्त सचिव गर्ग हटाएंगे विवादित बयान

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दायर मानहानि के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने दिल्ली हाई कोर्ट में यह बात स्वीकार की है कि वे सोशल मीडिया से उन विवादित बयानों को हटा लेंगे, जिन्हें लेकर गोड्डा सांसद ने आपत्ति जताई थी। मंगलवार को जस्टिस तुषार राव गेडेला की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।

सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा की ओर से वकील ने कोर्ट को बताया कि वे उस पोस्ट को हटा देंगी, जिसमें निशिकांत दुबे को "फेक डिग्री किस्म का आदमी" कहा गया था। हालांकि, महुआ मोइत्रा के वकील ने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरा विवाद राजनीतिक प्रकृति का है और उनकी मुवक्किल को सांसद की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है।

कोर्ट ने 'ब्लैकमेलर' शब्द पर जताई नाराजगी

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वहीं, पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने जिस पॉडकास्ट इंटरव्यू में निशिकांत दुबे को "ब्लैकमेलिंग किस्म का आदमी" बताया था, उसके संबंधित हिस्से को हटाने के लिए वे पॉडकास्टर से अनुरोध करेंगे। इस दौरान जस्टिस तुषार राव गेडेला ने 'ब्लैकमेलर' शब्द के इस्तेमाल पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और इसे पूरी तरह से अपमानजनक और अनुचित बताया।

निशिकांत दुबे ने सीनियर एडवोकेट जीवेश नागराथ और एडवोकेट अमित वी ए अवस्थी के जरिए यह सिविल मानहानि सूट दायर किया था। इसमें उन्होंने स्थायी रोक, औपचारिक माफी और 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। कोर्ट ने दोनों प्रतिवादियों के बयान दर्ज करने के बाद उन्हें औपचारिक समन जारी किया है।

इस कानूनी कार्रवाई के बाद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे सत्य की जीत बताते हुए "सत्यमेव जयते" लिखा।

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