महादेव ऐप किंगपिन सौरभ चंद्राकर को दिल्ली कोर्ट ने CBI की 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेजा

ओमान से प्रत्यर्पित महादेव ऐप प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को दिल्ली कोर्ट ने CBI की 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेजा।

Kittu Kumari2 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
महादेव ऐप किंगपिन सौरभ चंद्राकर को दिल्ली कोर्ट ने CBI की 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेजा

ओमान से प्रत्यर्पित महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई (CBI) को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर सौंप दिया है। सोमवार को आरोपी सौरभ चंद्राकर को प्रिंसिपल जिला और सत्र न्यायाधीश निखिल चोपड़ा के सामने पेश किया गया, जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। सीबीआई अब उसे छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित विशेष सीबीआई कोर्ट में पेश करेगी, जहां उसके खिलाफ आपराधिक मामले और चार्जशीट पहले से लंबित हैं।

सौरभ चंद्राकर को जुलाई में ओमान की रॉयल ओमान पुलिस ने इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस और यात्रा दस्तावेजों में गड़बड़ी के चलते हिरासत में लिया था। इसके बाद एक लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया और सीबीआई की टीम उसे वापस लेकर आई। सीबीआई ने कोर्ट से अनुरोध किया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी को हथकड़ियों में ले जाने की अनुमति दी जाए।

कोर्ट में हुई तीखी कानूनी बहस

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील तुषार गिरी ने ट्रांजिट रिमांड का कड़ा विरोध किया। बचाव पक्ष का तर्क था कि सौरभ को केवल मनी लॉन्ड्रिंग मामले के लिए प्रत्यर्पित किया गया है, न कि सीबीआई के केस के लिए। वकील ने दावा किया कि ओमान की अदालत में यह अंडरटेकिंग दी गई थी कि उसका ट्रायल केवल रायपुर की PMLA कोर्ट में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के लिए होगा, इसलिए सीबीआई द्वारा उसकी गिरफ्तारी अवैध है।

दूसरी ओर, सीबीआई के सीनियर पब्लिक प्रॉसिक्यूटर वी.के. पाठक ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि बचाव पक्ष पुराने आदेशों का हवाला दे रहा है। सीबीआई ने स्पष्ट किया कि उन्हें मिले प्रत्यर्पण आदेश में ऐसी कोई शर्त नहीं है कि आरोपी का ट्रायल केवल एक ही मामले में होगा। एजेंसी ने कहा कि वह नोडल एजेंसी होने के नाते उसे कस्टडी में लेकर आई है।

बता दें कि सौरभ चंद्राकर सीबीआई के दो अलग-अलग मामलों में वांछित है, जिनमें चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। इसके अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी उसके खिलाफ एक मामला दर्ज कर शिकायत दर्ज कराई है। इससे पहले ओमान की मस्कट कोर्ट ऑफ अपील ने यूएई की मांग को खारिज करते हुए उसे भारत भेजने का फैसला किया था, हालांकि ओमान में फर्जी दस्तावेजों के मामले की सुनवाई पूरी होने तक उसे सौंपने में देरी की गई थी।

Share:

Comments

Leave a comment