CJP नेताओं की जमानत सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट को मिली धमकी, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की NCR

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान एक नाटकीय मोड़ आया है। मामले की सुनवाई कर रहे स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) को धमकी भरा संदेश मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एक गैर-संज्ञेय रिपोर्ट (NCR) दर्ज की है। यह घटना उस समय हुई जब पार्टी के नेताओं की रिहाई को लेकर कानूनी प्रक्रिया चल रही थी।
दरअसल, रविवार 18 अक्टूबर 2026 को CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रंका की जमानत पर सुनवाई होनी थी। हालांकि, मजिस्ट्रेट के समय पर न पहुंचने के कारण सुनवाई में काफी देरी हुई। अदालत में पेश होने के बाद मजिस्ट्रेट ने जानकारी दी कि कार्यवाही के दौरान उन्हें एक धमकी भरा मैसेज मिला है, जिसके बाद पूरी सुनवाई का रुख बदल गया और जमानत के बजाय इस धमकी पर चर्चा होने लगी।
जमानत में देरी पर CJP ने लगाए गंभीर आरोप
इस पूरे घटनाक्रम पर कॉकरोच जनता पार्टी ने कड़ी नाराजगी जताई है। पार्टी की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने प्रशासन पर "देरी की रणनीति" और "प्रक्रियात्मक तोड़फोड़" का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि नेताओं को हिरासत में रखने के लिए जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है। सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि जमानत के लिए पेश किए गए चार जमानतदारों (sureties) को बेहद अस्पष्ट आधारों पर खारिज कर दिया गया।
बता दें कि सौरव दास और आशुतोष रंका को 14 अक्टूबर 2026 को न्यायिक हिरासत में लिया गया था। इन नेताओं ने प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित जंतर मंतर में प्रवेश कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी न्यायिक प्रक्रिया में हो रही इस कथित देरी की सार्वजनिक रूप से निंदा की है। पार्टी ने शनिवार को चेतावनी दी थी कि यदि रविवार तक नेताओं को रिहा नहीं किया गया, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन रविवार शाम तक दोनों नेता हिरासत में ही रहे।