एम श्रीधर बने BHEL के डायरेक्टर, दिल्ली में 'भारत राइस' पहल जारी
एम श्रीधर ने बीएचईएल में डायरेक्टर (HR) का पद संभाला। साथ ही दिल्ली में भारत राइस पहल और इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस की अपडेट।

भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (BHEL) के बोर्ड में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। एम श्रीधर ने आधिकारिक तौर पर कंपनी के डायरेक्टर (मानव संसाधन) के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है। 22 अक्टूबर 2026 को पदभार ग्रहण करने वाले श्रीधर के पास इस क्षेत्र का लंबा अनुभव है, जो कंपनी के भविष्य के लिए काफी अहम साबित हो सकता है।
श्रीधर इससे पहले नई दिल्ली स्थित बीएचईएल कॉर्पोरेट ऑफिस में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (HR) के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके पास करीब 36 वर्षों का शानदार अनुभव है। उन्होंने ओस्मानिया यूनिवर्सिटी के CBIT से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली है, जबकि JNTU हैदराबाद से एम.टेक और XLRI जमशेदपुर से PGDM किया है। साल 1990 में एक इंजीनियर ट्रेनी के तौर पर कंपनी से जुड़े श्रीधर अब 31 अगस्त 2028 तक इस डायरेक्टर पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी इस नियुक्ति को भारी उद्योग मंत्रालय और बीएचईएल बोर्ड की औपचारिक मंजूरी मिली है।
दिल्ली में 'भारत राइस' की पहुंच और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
एक तरफ जहां बीएचईएल में नई नियुक्तियां हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार की 'भारत राइस' पहल के जरिए दिल्ली के उपभोक्ताओं को किफायती और फोर्टिफाइड सफेद चावल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए यह पहल जारी है, जिसके तहत 10 किलो के चावल के पैकेट विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं। बिगबास्केट जैसे प्लेटफॉर्म पर इसकी कीमत 290 रुपये से लेकर जेप्टो पर 340 रुपये तक है।
इस पूरी व्यवस्था का प्रबंधन नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED) के सहयोग से किया जा रहा है। खास बात यह है कि 12 अक्टूबर 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी ने इस उत्पाद को भारतीय सेना के लिए लॉन्च किया, जिससे अब लद्दाख और उत्तर-पूर्व जैसे दुर्गम क्षेत्रों के डिपो में सीधे चावल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
इसी कड़ी में, नई दिल्ली में 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक 'भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस' का आयोजन भी किया गया। इस सम्मेलन में दुनिया भर के नीति निर्माताओं और निर्यातकों ने हिस्सा लिया, जहां अंतरराष्ट्रीय चावल बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धी स्थिति और भविष्य की रणनीतियों पर गहन चर्चा की गई।