लखनऊ-दिल्ली रूट की ट्रेनें रद्द, 5 हजार से ज्यादा यात्री फंसे

दिल्ली में एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन की वजह से लखनऊ और दिल्ली के बीच रेल यातायात पूरी तरह चरमरा गया। 9 से 11 अक्टूबर 2026 के बीच कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के रद्द होने से करीब 5,000 से ज्यादा यात्री स्टेशन पर ही फंस गए। यह पूरी स्थिति तब पैदा हुई जब शनिवार, 10 अक्टूबर को दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया, जिसके कारण रेलवे प्रशासन को परिचालन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों के आसपास भारी भीड़ और ट्रैफिक की आशंका थी, जिसे देखते हुए यह कदम उठाना पड़ा। इस रद्दीकरण का असर लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस, बनारस-नई दिल्ली एक्सप्रेस और कासगंज-नई दिल्ली एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों पर पड़ा।
यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, निजी बसों ने की लूट
उत्तरी रेलवे के लखनऊ मंडल के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर समर्थ गुप्ता ने बताया कि 10 अक्टूबर को नई दिल्ली-लखनऊ गोमती एक्सप्रेस (12420) रद्द होने के कारण, अगले दिन यानी रविवार 11 अक्टूबर को लखनऊ-नई दिल्ली गोमती एक्सप्रेस (12419) को भी चारबाग स्टेशन से रद्द करना पड़ा।
उत्तर पूर्वी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने कहा कि रेलवे ने यात्रियों को एसएमएस और सार्वजनिक घोषणाओं के जरिए सूचित करने की कोशिश की थी। हालांकि, अचानक ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। भारतीय रेलवे और IRCTC ने टिकट रिफंड की सुविधा तो दी, लेकिन तत्काल सफर के लिए लोग निजी बस ऑपरेटरों के पास पहुंचे। आरोप है कि इस मौके का फायदा उठाकर निजी बस संचालकों ने यात्रियों से मनमाना किराया वसूला।
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने अपनी सेवाएं नियमित रखी थीं और नोएडा व गाजियाबाद में अतिरिक्त बसें स्टैंडबाय पर रखी थीं, लेकिन यात्रियों की भारी संख्या के कारण कई लोगों को समय पर ट्रांसपोर्ट मिलना मुश्किल हो गया।