कमीशन बढ़ाने की मांग: 26 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर जुटेंगे देशभर के एलपीजी वितरक

देशभर के एलपीजी वितरकों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार और तेल विपणन कंपनियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (LDAI) ने घोषणा की है कि आने वाली 26 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर एक विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। वितरकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन पेट्रोलियम मंत्रालय और संबंधित कंपनियों ने उनकी मांगों की अनदेखी की है।
यह विरोध प्रदर्शन एक बड़े आंदोलन का हिस्सा है। इससे पहले 6 अक्टूबर से वितरकों ने "नो मनी-नो इंडेंट" अभियान शुरू किया था, जिसके तहत उन्होंने कंपनियों के खातों में पैसे जमा करना और नए गैस सिलेंडरों के लिए ऑर्डर देना बंद कर दिया है। इसके अलावा, 5 अक्टूबर को देशभर के जिला मुख्यालयों पर कैंडल मार्च निकाला गया और जिलाधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया। इस आंदोलन में दिल्ली, फरीदाबाद, रोहतक, पानीपत, सोनीपत, गाजियाबाद और बिहार के बक्सर जैसे कई शहरों के हजारों वितरक शामिल हैं।
कमीशन में बढ़ोतरी और ई-केवाईसी भुगतान की मांग
एसोसिएशन ने अपनी मांगों की एक लंबी सूची पेश की है, जिसमें सबसे प्रमुख होम डिलीवरी और प्रशासनिक कमीशन में 75 रुपये की तत्काल वृद्धि की मांग है। वितरकों का तर्क है कि परिचालन, परिवहन और मैनपावर की लागत काफी बढ़ गई है, जिससे वर्तमान कमीशन नाकाफी है। इसके साथ ही, वे ई-केवाईसी सत्यापन के लिए प्रति उपभोक्ता 236 रुपये के पारिश्रमिक की मांग कर रहे हैं, जिसके लिए फिलहाल उन्हें कोई भुगतान नहीं मिलता।
वितरकों ने सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को पाइप नेचुरल गैस (PNG) की ओर धकेलने के दबाव पर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि ग्राहकों को PNG कनेक्शन मिलने के बाद एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने नए गैस कनेक्शनों के वितरण में पारदर्शिता लाने और सहायक उत्पादों जैसे चूल्हे, रबर ट्यूब और ट्रॉली की जबरन बिक्री को रोकने की मांग की है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और मंत्रालय ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो 26 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।