दिल्ली पुलिस की मनाही के बावजूद CBD ग्राउंड पहुंचे देशभर के एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स, किया प्रदर्शन
दिल्ली पुलिस की मनाही के बावजूद देशभर के एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कमीशन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

राजधानी दिल्ली के पूर्वी इलाके में स्थित CBD ग्राउंड पर उस वक्त भारी गहमागहमी रही, जब देशभर से आए एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ने सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। हैरानी की बात यह है कि दिल्ली पुलिस ने त्योहारों के सीजन में कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारी वहां पहुंच गए। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को करीब 2,000 से 4,000 जवानों की भारी तैनाती करनी पड़ी।
इस पूरे विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व 'एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (इंडिया)' (LDAI) कर रहा है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.एस. शर्मा का कहना है कि डिस्ट्रीब्यूटर्स की समस्याएं सालों से लंबित हैं और सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही है। प्रदर्शनकारियों का मुख्य गुस्सा कमीशन और डिलीवरी चार्ज को लेकर है। उनका दावा है कि 2018 के बाद से इन दरों में कोई ठोस बदलाव नहीं किया गया है और 2022 में दी गई मामूली बढ़ोतरी नाकाफी थी।
कमीशन में बढ़ोतरी और PNG पॉलिसी का विरोध
LDAI ने अपनी मांगों के तहत होम डिलीवरी और प्रशासनिक शुल्क में 75 रुपये की वृद्धि की मांग की है। साथ ही, प्रत्येक e-KYC ट्रांजैक्शन के लिए 236 रुपये के भुगतान की मांग उठाई गई है। इसके अलावा, डिस्ट्रीब्यूटर्स सरकार के उस आदेश का कड़ा विरोध कर रहे हैं, जिसमें पाइप नेचुरल गैस (PNG) वाले इलाकों में एलपीजी की सप्लाई बंद करने को कहा गया है। उनका मानना है कि इस फैसले से न केवल उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है, बल्कि ग्राहकों की पसंद भी सीमित हो रही है।
प्रदर्शनकारियों ने गैर-ईंधन उत्पादों को बेचने के दबाव और बढ़ते परिचालन खर्चों पर भी चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द नहीं माना गया, तो वे देशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।
हालांकि, इस मुद्दे पर एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के बीच पूरी सहमति नहीं दिख रही है। 'फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया' (FLDI) और 'ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन' (AILDF) ने इस विरोध प्रदर्शन और हड़ताल के आह्वान से खुद को अलग कर लिया है। इन संगठनों का कहना है कि वे पेट्रोलियम मंत्रालय और कंपनियों के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहते हैं। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया है कि त्योहारों के दौरान गैस की होम डिलीवरी सेवा बाधित नहीं होगी।