एलपीजी वितरकों के बड़े संघों ने ठुकराया हड़ताल का आह्वान, बातचीत से समाधान पर जोर
एलपीजी वितरकों के बड़े संघों ने 26 अक्टूबर के धरने का किया विरोध। कमीशन बढ़ाने के लिए सरकार की मंजूरी का इंतजार।

दिल्ली में 26 अक्टूबर को प्रस्तावित एलपीजी वितरकों के धरने और हड़ताल को लेकर अब उद्योग के भीतर ही मतभेद उभर आए हैं। एलपीजी वितरकों के दो सबसे बड़े संगठनों, फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया (FLDI) और ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन (AILDF) ने साफ कर दिया है कि वे इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बनेंगे। इन संघों ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों को घर पर गैस डिलीवरी की सेवा में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी और वे किसी भी अनिश्चितकालीन हड़ताल का समर्थन नहीं करते हैं।
कमीशन बढ़ाने के लिए ओएमसी ने दी सहमति
यह घटनाक्रम 21 अक्टूबर को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) और उद्योग निकायों के बीच हुई एक द्विपक्षीय बैठक के बाद आया है। इस बैठक में इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी दिग्गज कंपनियों ने हिस्सा लिया था। ऑल इंडिया एचपी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (AIHPGDA) के मुताबिक, ओएमसी ने वितरकों के कमीशन में अंतरिम वृद्धि की संयुक्त सिफारिश करने पर सहमति जताई है। अब इन प्रस्तावों को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) के पास भेजा गया है और सरकार की अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
बैठक के दौरान वितरकों ने अपनी कई गंभीर समस्याओं को प्रबंधन के सामने रखा। इनमें मुख्य रूप से परिचालन लागत में बढ़ोतरी, रिफिल बिक्री में गिरावट और नए कनेक्शन जारी करने पर लगी पाबंदियों के कारण होने वाली वित्तीय तंगी शामिल थी। इसके अलावा, वितरकों ने गैर-ईंधन उत्पादों की जबरन खरीद और उनकी सहमति के बिना कमर्शियल इंडेंट में किए जाने वाले बदलावों पर भी नाराजगी जताई। ओएमसी प्रबंधन ने इन शिकायतों को स्वीकार किया है और आश्वासन दिया है कि इन परिचालन संबंधी मुद्दों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (LDAI) अभी भी 26 अक्टूबर को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने पर अड़ा हुआ है, लेकिन FLDI और AILDF का मानना है कि औद्योगिक कार्रवाई या हड़ताल के बजाय निरंतर संवाद और ठोस फैसलों से ही वास्तविक समाधान निकाला जा सकता है।