दिल्ली में 'Longevity Revolution 2026' संपन्न, स्वस्थ उम्र के लिए जुटे दुनिया भर के विशेषज्ञ

देश की राजधानी दिल्ली के द ललित होटल में 'Longevity Revolution 2026' का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ स्टेम सेल एंड रिजेनरेटिव मेडिसिन (IASRM) द्वारा आयोजित यह 11वां वर्ल्ड कांग्रेस तीन दिनों तक चला, जिसमें दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह चर्चा करना था कि कैसे आधुनिक विज्ञान की मदद से इंसान न केवल लंबी उम्र जी सकता है, बल्कि बुढ़ापे में भी स्वस्थ और स्वतंत्र रह सकता है।
25 से 27 सितंबर तक चले इस सम्मेलन में भारत और विदेशों से आए 91 फैकल्टी मेंबर्स ने अपनी विशेषज्ञता साझा की। कार्यक्रम में लगभग 150 से 200 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिन्होंने फिजिकल और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से सत्रों से जुड़े। इस पूरे इवेंट को दिल्ली मेडिकल काउंसिल द्वारा 12 CME क्रेडिट घंटों के लिए मान्यता दी गई थी, जो इसकी वैज्ञानिक गंभीरता को दर्शाता है।
रिजेनरेटिव मेडिसिन और भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियां
सम्मेलन के दौरान कुल 20 वैज्ञानिक सत्र और तीन व्यावहारिक वर्कशॉप आयोजित किए गए। इनमें मुख्य रूप से रिजेनरेटिव मेडिसिन, सेलुलर थेरेप्यूटिक्स और न्यूट्रिशनल IV थेरेपी जैसे विषयों पर गहराई से चर्चा हुई। प्रोफेसर पैट्रिक ट्रेसी ने 'पाथवेज ऑफ एजिंग एंड ह्यूमन लोंगेविटी' विषय पर अपना मुख्य व्याख्यान दिया, जिसने उम्र बढ़ने की प्रक्रिया और उसे धीमा करने के तरीकों पर रोशनी डाली।
IASRM के संस्थापक और आयोजन अध्यक्ष प्रभु चंद्र मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि अब रिजेनरेटिव मेडिसिन को अपनी मौजूदगी साबित करने की जरूरत नहीं है, बल्कि अब समय है कि इस क्षेत्र में किए जा रहे दावों को वैज्ञानिक प्रमाणों से सही ठहराया जाए। उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती बुजुर्ग आबादी को देखते हुए यह जरूरी है कि हम केवल जीवन की अवधि बढ़ाने पर नहीं, बल्कि जीवन की गुणवत्ता (Healthspan) सुधारने पर ध्यान दें।
कार्यक्रम के दौरान IASRM एक्सीलेंस अवार्ड्स और फेलोशिप दीक्षांत समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें इस क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। आयोजन की खास बात यह रही कि आखिरी दिन के आखिरी लेक्चर तक हॉल खचाखच भरा रहा, जो इस विषय के प्रति डॉक्टरों और विशेषज्ञों की गहरी रुचि को दर्शाता है।
अब IASRM ने घोषणा की है कि वह जल्द ही 'हेल्थस्पैन स्टैंडर्ड समिट' का आयोजन करेगा, जो लोंगेविटी और फंक्शनल मेडिसिन के मानकों को तय करने पर केंद्रित होगा। साथ ही, सम्मेलन में प्रस्तुत किए गए शोध पत्रों को रिसर्च पेपर के रूप में विकसित करने के लिए भी विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है।