नरेला में विकास कार्यों की रफ्तार: एलजी ने जांची डीडीए की हाउसिंग और एजुकेशन प्रोजेक्ट्स
दिल्ली एलजी ने नरेला में डीडीए के हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और एजुकेशन हब का जायजा लिया। जानें मास्टर प्लान 2047 के तहत क्या बदलेगा।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को नरेला क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया। एलजी का मुख्य फोकस यह सुनिश्चित करना था कि राजधानी के बाहरी इलाकों में विकास कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरे हों।
निरीक्षण के दौरान उपराज्यपाल ने 'रेडी-टू-मूव' आवासीय फ्लैटों का जायजा लिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासन का लक्ष्य दिल्लीवासियों को किफायती और उच्च गुणवत्ता वाले घर उपलब्ध कराना है। गौरतलब है कि 'हाउसिंग इन्वेस्टमेंट स्कीम 2026' के तहत नरेला में LIG फ्लैट्स पर 25 प्रतिशत की छूट दी गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग यहाँ बसने के लिए प्रोत्साहित हों।
मास्टर प्लान 2047 और एजुकेशन हब की तैयारी
आवास के साथ-साथ एलजी ने सेक्टर G7/G8 में राज्य विश्वविद्यालयों के लिए आवंटित जमीन का भी निरीक्षण किया। यहाँ एक एकीकृत शिक्षा केंद्र (Integrated Education Hub) विकसित किया जा रहा है। यह पूरी योजना 'मास्टर प्लान 2047' (MPD-2047) का हिस्सा है, जिसके तहत नरेला को एक बड़े शैक्षिक और चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने का विजन रखा गया है।
इसके अलावा, उपराज्यपाल ने जोन P-II के सेक्टर 8B की तैयारियों को देखा, जो सरकार की 'लैंड पूलिंग पॉलिसी' के तहत पहला सेक्टर है। एलजी ने कहा कि ये सभी पहल नरेला के नियोजित और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए हैं, जिससे यह विकसित दिल्ली के विजन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।
नरेला की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए भी कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें रिठाला-नरेला-कुण्डली मेट्रो कॉरिडोर के साथ-साथ UER-I और UER-II जैसे बेहतर सड़क नेटवर्क शामिल हैं, जिससे इस क्षेत्र की पहुंच और सुगम होगी।