CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग, दिल्ली में लेफ्ट पार्टियों और छात्रों ने निकाला मार्च
लेफ्ट पार्टियों और छात्र नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन किया।

देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर विरोध प्रदर्शन की गूंज सुनाई दी। शुक्रवार को विभिन्न लेफ्ट पार्टियों और छात्र नेताओं ने चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास से एक बड़ा मार्च निकाला, जिसमें मुख्य रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई।
यह विरोध प्रदर्शन उस समय हुआ जब विपक्षी गठबंधन INDIA और अन्य दल मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ियों का आरोप लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं, जिसके कारण उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की है। इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग अपनी संवैधानिक शक्तियों को खो चुका है और वह संविधान के बजाय सत्ता के प्रति वफादारी दिखा रहा है।
ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, जंतर मंतर की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ बंगला साहिब गुरुद्वारे से जंतर मंतर की ओर कूच कर रही थी, जिसे देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था। ट्रैफिक पुलिस ने दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक के लिए कई रास्तों पर डायवर्जन लागू किया ताकि आम जनता को जाम से बचाया जा सके।
- ट्रैफिक पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए लोगों को प्रभावित रास्तों से बचने की सलाह दी।
- वाहन चालकों से धैर्य बनाए रखने और तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई।
- जाम से बचने के लिए डायवर्जन साइन बोर्ड्स का पालन करने को कहा गया।
गौरतलब है कि विपक्षी दल 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैलियों के जरिए देशव्यापी अभियान चला रहे हैं। वहीं, कांग्रेस ने 28 अक्टूबर को एक मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने की योजना भी बनाई है। इसके अलावा, दिल्ली पुलिस ने नवंबर में रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की रैली के लिए एनओसी (NOC) भी जारी कर दी है।