वकीलों का फूटा गुस्सा: ACP मानसवी वशिष्ठ के खिलाफ सस्पेंशन की मांग, रोहिणी कोर्ट में काम ठप
दिल्ली के वकीलों ने ACP मानसवी वशिष्ठ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपमानजनक टिप्पणी के बाद सस्पेंशन की मांग को लेकर रोहिणी कोर्ट में काम बंद।

दिल्ली में पुलिस और वकीलों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। एसीपी मानसवी वशिष्ठ पर वकीलों के साथ अभद्र व्यवहार और अपमानजनक टिप्पणी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले को लेकर रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन, राउज एवेन्यू कोर्ट बार एसोसिएशन और अन्य वकील संगठनों ने पुलिस कमिश्नर से संपर्क किया है और एसीपी के तत्काल सस्पेंशन की मांग की है। विरोध जताते हुए रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने मंगलवार को न्यायिक कार्य से पूरी तरह दूरी बना ली है।
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ वकील एक मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर शाहदरा पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। आरोप है कि वहां तैनात एसीपी और एसएचओ ने उन्हें आश्वासन दिया था कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन जब बाद में पता चला कि आरोपियों को छोड़ दिया गया है, तो वकील जवाबदेही मांगने पहुंचे। इसी दौरान कथित तौर पर एसीपी मानसवी वशिष्ठ ने वकीलों को धमकाया और उनके साथ बदसलूकी की।
ट्रांसफर के बाद भी शांत नहीं हुए वकील
इस विवाद के बाद दिल्ली पुलिस ने एक्शन लेते हुए एसीपी मानसवी वशिष्ठ का तबादला गांधी नगर (शाहदरा) से SPUWAC में कर दिया और शाहदरा एसएचओ अरुण कुमार को सिक्योरिटी यूनिट में भेज दिया। हालांकि, वकीलों का मानना है कि सिर्फ तबादला काफी नहीं है और दोषी अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
- सेंट्रल दिल्ली कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव विजय बिश्नोई ने भी पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर सस्पेंशन की मांग की है।
- वकीलों की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने पहले भी इस मुद्दे पर दो दिनों तक काम बंद रखा था।
- वकीलों का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ पेशेवर मर्यादा का उल्लंघन किया है।
फिलहाल, वकीलों के इस कड़े रुख और काम बंद करने के फैसले से अदालती कामकाज पर असर पड़ा है। सभी कानूनी संगठनों ने साफ कर दिया है कि जब तक एसीपी मानसवी वशिष्ठ के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।