लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी: गाजियाबाद पुलिस ने अयोध्या से दबोचा युवक
गाजियाबाद में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर जान से मारने की धमकी देने वाला युवक अयोध्या से गिरफ्तार हुआ। सोशल मीडिया रील्स से था प्रभावित।

गाजियाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उस शख्स को गिरफ्तार कर लिया है, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर लोगों को जान से मारने की धमकियां दे रहा था। पुलिस ने इस मामले में 20 वर्षीय अंशु प्रजापति को अयोध्या से गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक युवक ने व्हाट्सएप पर मिले धमकी भरे ऑडियो संदेशों की शिकायत पुलिस से की थी।
घटना की जानकारी देते हुए एसीपी कोतवाली उपासना पांडे ने बताया कि 18 अक्टूबर 2026 को विजयनगर के प्रताप विहार निवासी आरव शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। आरव ने बताया कि उन्हें एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर कुछ ऑडियो मैसेज मिले, जिनमें भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताकर उनकी जान लेने की धमकी दी थी। इस शिकायत के बाद विजयनगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(4) के तहत मामला दर्ज किया गया।
सोशल मीडिया रील्स के प्रभाव में आकर बना 'गैंगस्टर'
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए क्राइम ब्रांच और सर्विलांस सेल की एक संयुक्त टीम बनाई। इलेक्ट्रॉनिक सबूतों और तकनीकी जांच की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंचने में कामयाब रही। आरोपी की पहचान अंशु प्रजापति के रूप में हुई, जो अयोध्या के महाराजगंज इलाके का रहने वाला है और मजदूरी का काम करता है। पुलिस ने उसे मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से वह रियलमी मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया, जिससे धमकियां भेजी जा रही थीं।
पूछताछ के दौरान आरोपी अंशु ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह सोशल मीडिया पर आने वाली रील्स और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ी जानकारियों से काफी प्रभावित था। इसी प्रभाव में आकर उसने लोगों को डराने के लिए व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट बनाया और अपनी प्रोफाइल पिक्चर पर लॉरेंस बिश्नोई की फोटो लगा ली, ताकि लोग उसे गैंग का सदस्य समझें और उससे डरें।