लव कुश रामलीला में दशहरा पर भीड़ की सीमा तय, 1 लाख के बाद बंद होंगे गेट

दिल्ली के लाल किले के मैदान में आयोजित होने वाली प्रसिद्ध लव कुश रामलीला ने इस साल दशहरा उत्सव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। भीड़ के भारी दबाव को देखते हुए आयोजन समिति ने दर्शकों की संख्या अधिकतम एक लाख तय की है। 20 अक्टूबर 2026 को होने वाले मुख्य आयोजन के दौरान जैसे ही दर्शकों की संख्या एक लाख तक पहुंचेगी, मैदान के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे।
समिति के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा सर्वोपरि है। जो लोग भीड़ अधिक होने के कारण मैदान के अंदर नहीं जा पाएंगे, उनके लिए आयोजकों ने बाहर बड़े-बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए हैं, ताकि वे वहां से कार्यक्रम का आनंद ले सकें। दरअसल, हाल ही में कोलकाता के एक दुर्गा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है, जिसके बाद दिल्ली में सुरक्षा प्रोटोकॉल को काफी सख्त किया गया है।
सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस और प्रशासन का मास्टर प्लान
इस आयोजन की सुरक्षा की कमान स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) देवेश श्रीवास्तव संभाल रहे हैं। दिल्ली पुलिस एसीपी स्तर पर रोजाना समीक्षा बैठकें कर रही है ताकि किसी भी तरह की चूक न हो। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए मैदान में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और मार्शलों की संख्या बढ़ा दी गई है।
आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए अब स्थानीय बोरवेल के बजाय समर्पित फायर टेंडर्स की तैनाती की गई है। साथ ही, एम्बुलेंस की संख्या भी बढ़ाई गई है और सभी एंट्री पॉइंट्स पर रेत की बोरियां और अग्निशमन सिलेंडर रखे गए हैं। बिजली के खतरों को कम करने के लिए जनरेटर और मीटरों से जुड़ी सभी वायरिंग को पूरी तरह कवर करने के निर्देश दिए गए हैं।
दर्शकों के लिए जरूरी नियम:
- मैदान के अंदर टिफिन बॉक्स, ब्रीफकेस, बैग और कैमरे ले जाने की सख्त मनाही है।
- परफॉरमेंस के दौरान पटाखे चलाने पर पूरी तरह रोक है।
- रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक शोर करने वाले पटाखों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
- अस्पतालों, अदालतों, शिक्षण संस्थानों और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में आतिशबाजी नहीं की जा सकेगी।
बता दें कि लव कुश रामलीला का मंचन 11 अक्टूबर से शुरू हो चुका है और यह 21 अक्टूबर तक चलेगा, जबकि मुख्य रावण दहन 20 अक्टूबर को होगा। इन सभी इंतजामों को दिल्ली पुलिस और श्री रामलीला महासंघ के बीच गहन विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप दिया गया है।