लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में कैंसर इलाज के लिए लिक्विड बायोप्सी पर विशेष व्याख्यान

दिल्ली के प्रतिष्ठित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (LHMC) के बायोकेमिस्ट्री विभाग ने कैंसर के आधुनिक उपचार में 'लिक्विड बायोप्सी' की भूमिका पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में उभर रही इस तकनीक की बारीकियों और इसके नैदानिक महत्व से छात्रों और विशेषज्ञों को अवगत कराना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. राजा प्रमाणिक ने शिरकत की। उन्होंने विस्तार से समझाया कि लिक्विड बायोप्सी वास्तव में क्या है और यह पारंपरिक बायोप्सी से कैसे अलग है। डॉ. प्रमाणिक ने बताया कि यह एक गैर-आक्रामक (non-invasive) प्रक्रिया है, जिसमें केवल रक्त के नमूनों के जरिए मरीज के शरीर में मौजूद कैंसर या मेलिग्नेंसी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा सकती हैं।
कैंसर की जल्द पहचान और सटीक इलाज में मददगार
व्याख्यान के दौरान डॉ. प्रमाणिक ने इस तकनीक के फायदों पर जोर देते हुए कहा कि लिक्विड बायोप्सी न केवल कैंसर की शुरुआती पहचान करने में सक्षम है, बल्कि यह बीमारी के बढ़ने की रफ्तार पर नजर रखने और चल रहे इलाज के असर का मूल्यांकन करने में भी बेहद कारगर साबित हो रही है।
उन्होंने आगे बताया कि इस तकनीक के जरिए विभिन्न प्रकार के कैंसर से जुड़े विशिष्ट जेनेटिक म्यूटेशन (आनुवंशिक बदलावों) का पता लगाया जा सकता है। जब डॉक्टरों को इन मार्कर्स की सटीक जानकारी मिलती है, तो वे हर मरीज के लिए उसकी जरूरत के हिसाब से पर्सनलाइज्ड इलाज योजना तैयार कर सकते हैं, जिससे उपचार अधिक प्रभावी हो जाता है।
इस सत्र ने चिकित्सा समुदाय के बीच ऑन्कोलॉजी और पेशेंट मैनेजमेंट में लिक्विड बायोप्सी को एक अनिवार्य उपकरण के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।