तकनीक तेजी से बदल सकती है लेकिन संवैधानिक मूल्य हमेशा बने रहेंगे: एल मुरुगन

Kittu Kumari29 September 20262 min read3 viewsNational
तकनीक तेजी से बदल सकती है लेकिन संवैधानिक मूल्य हमेशा बने रहेंगे: एल मुरुगन

नई दिल्ली में आयोजित यूट्यूब इम्पैक्ट समिट 2026 में सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने कहा कि तकनीक तेजी से बदलती है लेकिन संवैधानिक मूल्य हमेशा बने रहते हैं।उन्होंने युवा क्रिएटर्स से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कोनवाचार और सशक्तिकरण के साधन के रूप में उपयोग करने का आग्रह किया।मंत्री ने कहा कि भविष्य एआई बनाम क्रिएटर्स का नहीं बल्कि एआई द्वारा क्रिएटर्स को सशक्त बनाने का होना चाहिए।उन्होंने युवाओं से साहस, जिम्मेदारी और उद्देश्य के साथ सृजन करने का आह्वान किया।यूट्यूब इम्पैक्ट रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में यूट्यूब के रचनात्मक पारिस्थितिकी तंत्र ने भारत की जीडीपी में 18,000 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान दिया और देश भर में 9.6 लाख से अधिक नौकरियों का समर्थन किया।भारत का डिजिटल और रचनात्मकता का क्षेत्र आर्थिक विकास, रोजगार और वैश्विक सांस्कृतिक पहुंच को बढ़ावा दे रहा है।

डिजिटल परिवर्तन और ऑरेंज इकोनॉमी के तीन स्तंभ

सम्मेलन में नीति निर्माता, प्रौद्योगिकी नेता, क्रिएटर और उद्यमी शामिल हुए।मंत्री ने भारत के डिजिटल भुगतान, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, स्टार्टअप, एआई और किफायती कनेक्टिविटी के माध्यम से हुए डिजिटल परिवर्तन को रेखांकित किया।उन्होंने उपभोक्ताओं से क्रिएटर, उपयोगकर्ताओं से नवप्रवर्तक और सामग्री उपभोग से बौद्धिक संपदा सृजन की ओर बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'क्रिएट इन इंडिया, क्रिएट फॉर द वर्ल्ड' के दृष्टिकोण का हवाला देते हुए मुरुगन ने ऑरेंज इकोनॉमी के तीन स्तंभों सामग्री, रचनात्मकता और संस्कृति को रेखांकित किया।उन्होंने कहा कि एआई लेखकों, अनुवाद, संपादन, एनिमेशन, डिजाइन और वितरण में क्रिएटर्स की मदद कर सकता है, जबकि मानवीय कल्पना रचनात्मकता के केंद्र में बनी हुई है।मंत्री ने डिजिटल युग में उभरती प्रौद्योगिकियों के सुलभ, जिम्मेदार और नैतिक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

कौशल विकास और संवैधानिक मूल्यों का महत्व

सम्मेलन में भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT) के सहयोग से विकसित 'क्रिएट विद एआई' फिल्मों का अनावरण किया गया।मुरुगन ने रचनात्मक प्रतिभाओं को जोड़ने के लिए WAVES, IICT, क्रिएट इन इंडिया चैलेंज, जेम्स ऑफ इंडिया और क्रिएटर कॉर्नर जैसी पहलों पर प्रकाश डाला।उन्होंने केंद्रीय बजट 2026-27 के तहत 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC सामग्री-निर्माता प्रयोगशालाओं के प्रावधान का उल्लेख किया।मंत्री ने दोहराया कि अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी होनी चाहिए और अनुच्छेद 51A के तहत मौलिक कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता के साथ युवा अपनी कहानियों को वैश्विक स्तर पर पहुँचा सकते हैं।

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