दिल्ली में K-pop बैंड NTX का जलवा, 'केसरिया' गाकर जीता भारतीयों का दिल
दिल्ली के Select CITYWALK में आयोजित 'कोरिया कल्चर डे 2026' में K-pop बैंड NTX ने 'केसरिया' और 'काला चश्मा' जैसे गानों से समां बांध दिया।

देश की राजधानी दिल्ली में जब कोरियाई संगीत और भारतीय धुनें एक साथ मिलीं, तो माहौल पूरी तरह जादुई हो गया। दिल्ली के Select CITYWALK में आयोजित 'कोरिया कल्चर डे 2026' के दौरान मशहूर K-pop बॉय बैंड NTX ने अपनी परफॉर्मेंस से सबको हैरान कर दिया। इस बैंड ने न केवल अपने कोरियन गानों से लोगों को थिरकाया, बल्कि फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' के सुपरहिट गाने 'केसरिया' को गाकर वहां मौजूद दर्शकों का दिल जीत लिया।
यह शानदार आयोजन कोरियाई सांस्कृतिक केंद्र (KCC) इंडिया द्वारा किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत और दक्षिण कोरिया के बीच दोस्ती और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना था। "वन लाइट, टू सिटीज" थीम पर आधारित इस फेस्टिवल में भारत की दिवाली और कोरिया के 'चुसोक' त्योहार की समानताओं को दिखाया गया, जो परिवार और समुदाय के साथ मिलकर खुशियां मनाने का संदेश देते हैं।
संगीत, मार्शल आर्ट्स और परंपराओं का संगम
दो दिनों तक चले इस उत्सव में केवल संगीत ही नहीं, बल्कि कोरिया की समृद्ध परंपराओं की भी झलक देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत डेक्युंग यूनिवर्सिटी की तायक्वांडो टीम के दमदार प्रदर्शन से हुई, जिसने अपनी अनुशासन और चपलता से सबको प्रभावित किया। इसके अलावा, पारंपरिक फ्यूजन ग्रुप 'एओल्सीगु', वायलिन जोड़ी 'अयुनी', वोकल चौकड़ी 'अट्टी क्लासिक' और समकालीन संगीत समूह 'डीपर' ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
K-pop बैंड NTX ने कार्यक्रम के आकर्षण को चरम पर पहुंचा दिया। 'केसरिया' के अलावा, उन्होंने 'काला चश्मा' और 'कोई मिल गया' जैसे लोकप्रिय भारतीय गानों का मेडले पेश किया, जिसे सुनकर दर्शक झूम उठे। इस मौके पर दक्षिण कोरिया के राजदूत ली सेओंग-हो ने कहा कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान केवल कला दिखाना नहीं है, बल्कि यह दो देशों के लोगों के बीच आपसी समझ और गहरी दोस्ती बनाने का एक जरिया है।
फेस्टिवल में आए लोगों ने कोरियाई व्यंजनों का स्वाद चखा और वहां के पारंपरिक खेलों का अनुभव लिया। आयोजन में स्टार एंटरटेनमेंट, ओरियन और मिक्क्सो जैसे ब्रांड्स ने भी हिस्सा लिया। कोरियाई सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक कांग क्वोन सु ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों का मकसद भारतीय युवाओं को कोरियाई संस्कृति से रूबरू कराना है और आने वाले समय में इसे भारत के अन्य बड़े शहरों में भी ले जाया जाएगा।