'अगली बार गोल्ड जीतूंगी', एशियन पैरा गेम्स में सिल्वर लेकर भारत लौटीं कोकिला कौशिक
एशियन पैरा गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतने वाली पैरा जूडो खिलाड़ी कोकिला कौशिक दिल्ली लौटीं, अब लक्ष्य है गोल्ड जीतना।

जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय पैरा जूडो खिलाड़ी कोकिला कौशिक गुरुवार शाम दिल्ली वापस लौट आईं। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जब उनके परिवार ने उनका स्वागत किया, तो कोकिला के चेहरे पर देश के लिए पदक जीतने की खुशी और अगली बार गोल्ड जीतने का जुनून साफ नजर आ रहा था।
महिलाओं की J2 52 किलोग्राम श्रेणी में रजत पदक जीतने वाली 22 वर्षीय कोकिला ने कहा कि हालांकि उनका लक्ष्य स्वर्ण पदक था, लेकिन इस बार सिल्वर मिलना भी खुशी की बात है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा, "मैं भारत का नाम रोशन कर बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। इस बार सिल्वर मिला है, लेकिन अगली बार यह गोल्ड होगा।"
अब वर्ल्ड गेम्स और 2028 पैरालंपिक पर नजर
कोकिला ने बताया कि अब उनका पूरा ध्यान आने वाले बड़े मुकाबलों पर है। उन्होंने कहा, "अगले साल वर्ल्ड गेम्स हैं और उसके बाद 2028 पैरालंपिक। मैं इनके लिए कड़ी मेहनत और प्रैक्टिस करूंगी।" गौरतलब है कि कोकिला ने 2023 के हांग्जो एशियन पैरा गेम्स में ब्रोंज मेडल जीता था। इस बार फाइनल मुकाबले में वह किर्गिस्तान की आइबिके उलानबेक किजी से हार गईं, जहां मुकाबला महज 21 सेकंड में ही खत्म हो गया था।
भारतीय ब्लाइंड एंड पैरा जूडो एसोसिएशन के सीईओ मुनाव्वर अनजार ने कोकिला की तारीफ करते हुए कहा कि वह अपनी कैटेगरी में सबसे कम उम्र की खिलाड़ी हैं। उन्होंने बताया कि उनके प्रतिद्वंद्वी काफी अनुभवी और मजबूत हैं, लेकिन कोकिला में वह क्षमता है कि वह एक-दो साल में उस स्तर तक पहुंच सकें और उन्हें हरा सकें।
इस contingent में कपिल परमार ने भी शानदार प्रदर्शन किया और पुरुषों की J1 70 किलोग्राम श्रेणी में ब्रोंज मेडल जीता। कपिल, जिन्होंने पेरिस 2024 पैरालंपिक में इतिहास रचा था, ने बताया कि सेमीफाइनल में हार के बाद उन्होंने ब्रोंज के लिए जी-जान लगा दी और इंडोनेशियाई खिलाड़ी को हराकर पदक अपने नाम किया।
मुनाव्वर अनजार ने कहा कि टीम के लिए दो पदक लाना गर्व की बात है। अब उनका लक्ष्य वर्ल्ड गेम्स में पदक जीतना और लॉस एंजिल्स पैरालंपिक में कम से कम दो पदक घर लाना है।