गुरुग्राम: किसानी ऊर्जा समृद्धि कार्यक्रम में आधुनिक खेती अपनाने वाले किसान सम्मानित

गुरुग्राम में आधुनिक और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'किसानी ऊर्जा' द्वारा दो दिवसीय किसानी ऊर्जा समृद्धि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस खास मौके पर उन किसानों को सम्मानित किया गया जिन्होंने पारंपरिक तरीकों को छोड़कर नई और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य "खेती वही, तरीके नए, कमाई बेहतर" के मंत्र के साथ किसानों की आय में वृद्धि करना और उन्हें खेती के नए तरीकों से जोड़ना था।
किसानी ऊर्जा के संस्थापक और सीईओ उत्कर्ष गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि संगठन का लक्ष्य किसानों के साथ मिलकर खेती में व्यावहारिक सुधार लाना है। उन्होंने जोर दिया कि नई तकनीकों को अपनाने में अक्सर किसानों को जोखिम महसूस होता है, जिसे कम करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
किसानी दीदियों का नेटवर्क और बढ़ती आय
इस पहल की एक बड़ी विशेषता 'किसानी दीदियां' हैं, जो संगठन और किसानों के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रही हैं। ये दीदियां गांव-गांव जाकर किसानों को आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक कर रही हैं। इस नेटवर्क के जरिए अब तक 30 हजार से अधिक किसानों तक पहुंच बनाई गई है, जिसमें 500 से ज्यादा किसानी दीदियां शामिल हैं।
संगठन ने दावा किया है कि 'आदर्श किसान खेत' पहल के कारण नेल्लोर में किसानों को मौजूदा फसल सीजन में प्रति एकड़ औसतन 6,000 से 8,000 रुपये की अतिरिक्त कमाई हुई है। यह पहल वर्तमान में देश के 64 गांवों में लागू है, जिसके तहत किसानों को न केवल नई पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, बल्कि नुकसान की स्थिति में सहायता भी प्रदान की जाती है।
इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य फसल की लागत को कम करना और उत्पादन की गुणवत्ता व मात्रा को बढ़ाना है, ताकि किसान आर्थिक रूप से अधिक समृद्ध हो सकें।