किसान मजदूर संगठन ने दिल्ली कूच की अपनी रणनीति तैयार कर ली है। यह संगठन Thakur Pooran Singh के नेतृत्व में चल रहा है और इसने थानाभवन में बैठक करके राष्ट्रीय राजधानी तक विरोध मार्च निकालने की योजना बनाई है। संगठन की मुख्य मांगों में किसानों के लिए व्यापक कृषि loan waivers यानी कर्ज माफी के साथ-साथ मुफ्त शिक्षा और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। इन विरोध योजनाओं को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को थानाभवन शहर में एक औपचारिक बैठक बुलाई गई थी।
भारत भर में बढ़ते किसान सक्रियता के बीच यह कदम उठाया गया है। Kisan Mazdoor Sangathan के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह इन लामबंदियों के केंद्र में रहे हैं। उन्होंने इससे पहले 1 अगस्त 2026 को अपने आवास पर किसान नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी की थी, जिसमें Bharatiya Kisan Union के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकेत भी शामिल थे। इससे पहले मार्च 2026 में, पूरन सिंह ने मुजफ्फरनगर में एक 'सम्मान बचाओ महापंचायत' का भी नेतृत्व किया था।
इस समय देश भर में व्यापक आंदोलन चल रहे हैं।
Samyukt Kisan Morcha (SKM) ने 10 अगस्त 2026 को 1,000 से अधिक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन शुरू किए थे। SKM के एजेंडे में
Minimum Support Price (MSP) के लिए कानूनी गारंटी, कृषि ऋण माफी और चार श्रम संहिताओं को निरस्त करना शामिल है। इसके साथ ही 26 नवंबर 2026 को दिल्ली में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने की योजना है।
जहां एक ओर किसान संगठन ऋण राहत की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय पहल भी चल रही हैं। महाराष्ट्र में 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना 2026' पहले से ही चल रही है। इस विशिष्ट कार्यक्रम का उद्देश्य 56 लाख पात्र किसानों को 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ करना है, साथ ही नियमित ऋण चुकौती इतिहास बनाए रखने वालों के लिए 50,000 रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन देना है।