मुआवजे की मांग को लेकर किसान कांग्रेस का दिल्ली मार्च, सरकार को चेतावनी

किसानों के हक और उचित मुआवजे की लड़ाई अब एक बार फिर राजधानी की दहलीज तक पहुंचने वाली है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की किसान इकाई, किसान कांग्रेस ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए 12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली मार्च निकालने का बड़ा ऐलान किया है। संगठन ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द गौर नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।
इस पूरे विरोध प्रदर्शन की रणनीति को साझा करने के लिए 11 अक्टूबर 2026 को किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हरेंद्र सिंह लाडी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। लाडी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसान अब चुप नहीं बैठेंगे और जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान उन्होंने आंदोलन की तैयारियों और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी सामने रखी।
रुद्रपुर सम्मेलन की तारीख में बदलाव
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी भी दी गई। रुद्रपुर में आयोजित होने वाले बड़े किसान सम्मेलन की तारीख बदल दी गई है। जो कार्यक्रम पहले 13 अक्टूबर को होना था, अब उसे 16 अक्टूबर को सुबह 11 बजे होटल खोलिया में आयोजित किया जाएगा।
इस रणनीतिक बैठक में दो बार के विधायक राजकुमार कुणाल, प्रदेश महासचिव संदीप चीमा और जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव सतीश भाई समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। इन नेताओं ने एक सुर में कहा कि किसानों के मुआवजे का मुद्दा अब गंभीर हो चुका है और इसे हल करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच करना जरूरी हो गया है। सभी कार्यकर्ताओं और किसानों को इस मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया गया है ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।