लंदन विरोध प्रदर्शन: पाकिस्तानी झंडों के साथ कांग्रेस का झंडा दिखने पर किरेन रिजिजू का तीखा हमला

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लंदन में हुए एक विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पार्टी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। रिजिजू का दावा है कि लंदन की सड़कों पर भारत विरोधी ताकतों के साथ कांग्रेस के झंडे भी लहराए गए, जो देश की सुरक्षा और सम्मान के लिहाज से चिंताजनक है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत विरोधी ताकतें कभी भी भारत को तोड़ नहीं पाएंगी और भारत कभी किसी के आगे नहीं झुकेगा।
यह पूरा विवाद 17 अक्टूबर 2026 को लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर पर हुए एक प्रदर्शन से शुरू हुआ। इस प्रदर्शन का आयोजन इंडियन ओवरसीज कांग्रेस यूथ विंग और ब्रिटेन के कुछ भारतीय छात्र समूहों द्वारा किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और चुनावी रोल के विशेष गहन संशोधन में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। हालांकि, विवाद तब बढ़ा जब इस प्रदर्शन में पाकिस्तान और तथाकथित 'पाक अधिकृत कश्मीर' (PoK) के झंडे भी नजर आए।
विदेशी धरती पर भारत विरोधी साजिश का आरोप
किरेन रिजिजू ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह के 'भारत विरोधी गैंग' देशभक्त भारतीय नागरिकों को डराने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, इस विरोध प्रदर्शन में पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल थे, जिनमें पाकिस्तानी नेटवर्क ARY न्यूज का एक संवाददाता भी मौजूद था। इससे पहले 16 अक्टूबर को भारतीय उच्चायोग के बाहर भी एक प्रदर्शन किया गया था।
लंदन में स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि वहां की मेट्रोपॉलिटन पुलिस को तैनात करना पड़ा। पुलिस ने कांग्रेस समर्थकों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में उतरे भारतीय प्रवासियों के बीच दूरी बनाए रखने की कोशिश की, क्योंकि दोनों गुटों के बीच तीखी बहस और टकराव की स्थिति बन गई थी। रिजिजू ने इस पूरे घटनाक्रम को भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश करार दिया है।