किरण बेदी की बड़ी सलाह: दिल्ली में जंतर-मंतर की जगह रामलीला मैदान में हों प्रदर्शन, सिविल डिफेंस संभाले मोर्चा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनों और भीड़ को नियंत्रित करने को लेकर पूर्व आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को एक बड़ा सुझाव दिया है। उन्होंने प्रदर्शनों को जंतर-मंतर से हटाकर रामलीला मैदान में शिफ्ट करने की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। उनका मानना है कि इससे दिल्ली के मुख्य सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा होगी, संसद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और भीड़ प्रबंधन का एक बेहतर तरीका सामने आएगा।
* किरण बेदी ने प्रदर्शन स्थलों को जंतर-मंतर से रामलीला मैदान शिफ्ट करने की सिफारिश की।
* भीड़ को संभालने के लिए सिविल डिफेंस वालंटियर्स को पहली लाइन और महिला पुलिसकर्मियों को दूसरी लाइन बनाने का सुझाव।
* भारी हथियारों से लैस दंगा पुलिस को केवल 'अंतिम विकल्प' के रूप में तैनात करने की बात कही।
* ड्रोन से लाइव मॉनिटरिंग और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल करने की सलाह दी।
* दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर बंद नहीं है और यह 1,000 लोगों की क्षमता के साथ अधिकृत प्रदर्शन स्थल बना हुआ है।
भीड़ नियंत्रण के लिए किरण बेदी का नया मॉडल
किरण बेदी द्वारा सुझाए गए क्राउड मैनेजमेंट मॉडल के तहत, सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स को पहली लाइन में तैनात किया जाना चाहिए, जबकि महिला पुलिसकर्मियों को दूसरी लाइन में रखा जाना चाहिए। इससे सीधा टकराव और लाठीचार्ज की जरूरत कम होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि भारी हथियारों से लैस दंगा पुलिस को केवल 'अंतिम विकल्प' और जरूरत के आधार पर ही उतारा जाना चाहिए। इसके अलावा, प्रदर्शन स्थलों की लाइव एरियल निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने और इसे कंट्रोल रूम से जोड़ने की बात कही गई है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही, प्रदर्शनों में शामिल होने वाले आदतन अपराधियों की पहचान के लिए टेक्नोलॉजी आधारित फेशियल रिकग्निशन सिस्टम का उपयोग करने की भी सिफारिश की गई है।
दिल्ली पुलिस और सुप्रीम कोर्ट का रुख
इन सुझावों के बीच, दिल्ली पुलिस ने उसी दिन उन अफवाहों को खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि जंतर-मंतर को प्रदर्शनों के लिए बंद कर दिया गया है। पुलिस ने साफ किया कि यह औपचारिक आवेदन पर 1,000 लोगों की अधिकतम क्षमता के साथ शांतिपूर्ण और अधिकृत प्रदर्शनों के लिए एक 'सक्रिय और अधिकृत स्थल' बना हुआ है, जैसा कि ANI News की रिपोर्ट में बताया गया है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने 27 जुलाई 2026 को टिप्पणी की थी कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए और संकेत दिया कि वह बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों के दौरान पुलिस आचरण के लिए एक समान दिशानिर्देश तैयार कर सकता है।
NEET प्रदर्शन और पैलेट गन पर बयान
दिल्ली सरकार ने 30 जुलाई 2026 को यह भी घोषणा की कि वह हाल ही में हुए NEET प्रदर्शनों के प्रतिभागियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई वापस लेगी, हालांकि इसमें वे लोग शामिल नहीं होंगे जिनका कोई आपराधिक इतिहास रहा हो। इसके अलावा, किरण बेदी ने जुलाई की शुरुआत में एक छात्र मार्च के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल पर भी टिप्पणी की और कहा कि इनका इस्तेमाल केवल 'अंतिम विकल्प' के रूप में किया जाता है तथा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) इस घटना की जांच कर रही है।