'लोकतंत्र की माँ' को 'मज़ल लोकतंत्र' बना रही मोदी सरकार: मल्लिकार्जुन खड़गे का केंद्र पर बड़ा हमला

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रदर्शनकारियों की हिरासत को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने भारत को 'लोकतंत्र की माँ' से बदलकर 'मज़ल लोकतंत्र' (Muzzled Democracy) बना दिया है। खड़गे का यह बयान उस समय आया जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर 'जंतर मंतर 2.0' विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया था।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार उन सभी लोगों को निशाना बना रही है जो सवाल पूछ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों, युवाओं, वकीलों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसान यूनियन के नेताओं और कंटेंट क्रिएटर्स को व्यवस्थित तरीके से हिरासत में लिया जा रहा है। खड़गे ने इसे भाजपा-आरएसएस की 'कायरता' करार दिया और कहा कि लाठी, पेलेट्स और जेल की सलाखें भारत के लोगों को डरा नहीं सकतीं।
सुरक्षा घेरे में दिल्ली, कई कार्यकर्ताओं की हिरासत
राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी कर दी गई कि इसे एक 'किले' जैसा महसूस किया गया। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति न होने का हवाला देते हुए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। CJP कार्यकर्ता अभिजीत डिपके ने दावा किया कि उन्हें मुंबई से दिल्ली आने पर एयरपोर्ट से ही हिरासत में ले लिया गया। वहीं, CJP ने यह भी दावा किया कि कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी को हिरासत में लिया गया है।
इस मामले में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण युवा प्रदर्शनों को कुचलने के लिए दिल्ली को एक किले में बदल दिया गया है। रमेश के अनुसार, केंद्र सरकार युवाओं के नेतृत्व में हो रहे इस विरोध प्रदर्शन से बेहद घबराई हुई है।
खड़गे ने अंत में संकल्प दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी और संयुक्त विपक्ष इस 'तानाशाही शासन' के खिलाफ मजबूती से लड़ेगा। उन्होंने जोर दिया कि जिस तरह आजादी की लड़ाई में युवाओं ने देश की किस्मत संवारी थी, वैसे ही आज भी वे लोकतंत्र, संविधान और मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ेंगे।