नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी जनता के सवालों से घबरा गई है और नागरिकों के खिलाफ हिंसा का सहारा ले रही है। खड़गे ने दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक युवक को कथित तौर पर थप्पड़ मारने की घटना का हवाला दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में खड़गे ने कहा कि विपक्ष पर ईडी-सीबीआई, जनता पर थप्पड़, लाठी और गोली चलाई जा रही है। उन्होंने जंतर-मंतर पर युवाओं पर लाठीचार्ज और अन्य घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तानाशाही भाजपा-आरएसएस अब खुले तौर पर हिंसा पर उतर आई है और दिल्ली के मंत्री युवाओं को थप्पड़ मार रहे हैं।
यह बयान दिल्ली के तिलक नगर में सड़क निरीक्षण के दौरान पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा साहिब सिंह नामक युवक को कथित रूप से थप्पड़ मारने के विवाद के बीच आया है। साहिब सिंह के वकील मंकन दीप सिंह बम्मी ने रविवार को आरोप लगाया कि वर्मा ने उनके मुक्किल को सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार पर सवाल उठाने के बाद थप्पड़ मारा। बम्मी ने बताया कि सिंह आउटर रिंग रोड के एक हिस्से की स्थिति पर सवाल उठा रहे थे और लाइव स्ट्रीमिंग कर रहे थे। वकील ने यह भी आरोप लगाया कि विकास पुरी पुलिस स्टेशन में पीसीआर कॉल करने के बावजूद पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं की और उन्हें डेढ़ घंटे तक थाने में बैठाए रखा। साहिब सिंह ने आरोप लगाया कि मंत्री सड़क की खराब हालत को संभाल नहीं पाए और उन्होंने उनका फोन छीनकर हाथ मरोड़ा तथा थप्पड़ मारा।
इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं ने रविवार को वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली पुलिस ने आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, विधायक कुलदीप कुमार और अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि वीडियो सबूत होने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। दूसरी ओर, मंत्री प्रवेश वर्मा ने इन आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि आप कार्यकर्ताओं ने उनके परिवार को गाली दी और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। वर्मा ने एक्स पर एक वीडियो बयान में आरोप लगाया कि आप विधायक जरनैल सिंह के समर्थकों ने उनके परिवार को गाली दी। उन्होंने यह भी दावा किया कि आप विधायक ने सड़क परियोजनाओं में शामिल अधिकारियों से कमीशन की मांग की थी और सरकारी काम में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।