खान मार्केट में व्यापार ठप: वोटर लिस्ट रिवीजन के विरोध प्रदर्शनों ने छीनी दुकानदारों की रौनक

Kittu Kumari13 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
खान मार्केट में व्यापार ठप: वोटर लिस्ट रिवीजन के विरोध प्रदर्शनों ने छीनी दुकानदारों की रौनक

दिल्ली के सबसे महंगे और पॉश इलाकों में शुमार खान मार्केट में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है। चुनाव आयोग (ECI) द्वारा वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने यहां के व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। हालात इतने खराब हैं कि दुकानदारों का कहना है कि उनका बिजनेस पूरी तरह से ठप हो गया है और ग्राहकों का आना लगभग बंद हो गया है।

खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए बताया कि वर्तमान में व्यापार अपनी सामान्य क्षमता के महज 10% से 20% तक ही सिमट कर रह गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा लगाए गए भारी बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजामों की वजह से ग्राहक बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।

त्योहारी सीजन में 90% तक गिरी फुटफॉल

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हैरानी की बात यह है कि यह सब उस समय हो रहा है जब बाजार में त्योहारी सीजन की रौनक होनी चाहिए थी। खान मार्केट और कनॉट प्लेस के रिटेलर्स का दावा है कि ग्राहकों की संख्या में 90% तक की गिरावट आई है। डर और अनिश्चितता के माहौल के कारण कई दुकानदारों ने तो अपनी दुकानें खुद ही बंद कर ली हैं, ताकि किसी भी संभावित हंगामे या नुकसान से बचा जा सके।

व्यापारियों की यह परेशानी अब कानूनी मोड़ ले चुकी है। संजीव मेहरा और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बृज गोपाल खोसला ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की अपील की है। उनकी मांग है कि प्रदर्शन स्थल को दिल्ली की सीमा (बॉर्डर) पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि स्थानीय व्यापार और आम जनता की आवाजाही प्रभावित न हो।

बता दें कि यह पूरा विवाद चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट से अपात्र, मृत या शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम हटाने की प्रक्रिया (SIR) को लेकर शुरू हुआ है। जहां चुनाव आयोग का कहना है कि दिल्ली में 33 लाख चिन्हित प्रविष्टियों में से 20 लाख का सत्यापन पूरा हो चुका है, वहीं इंडिया गठबंधन के नेतृत्व में विपक्षी दल इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का आरोप लगा रहे हैं। इस बीच, दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई किए जाने से स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।

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