केजरीवाल प्रधानमंत्री आवास तक करेंगे मार्च, केंद्र की इथेनॉल नीति का करेंगे विरोध

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेशनल कन्वीनर और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की इथेनॉल नीति के विरोध में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास तक प्रोटेस्ट मार्च निकालने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वह 100 लोगों के डेलीगेशन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2.33 लाख से ज्यादा लोगों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन सौंपने की कोशिश करेंगे। अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को पार्टी ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार पर बिना पर्याप्त औचित्य के इथेनॉल नीति थोपने का आरोप लगाया।
इथेनॉल नीति से गाड़ियों और माइलेज पर पड़ रहा असर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि इस नीति से वाहनों का माइलेज कम होता है और ऑटोमोबाइल पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार के इस फैसले के पीछे कोई छिपा हुआ एजेंडा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इथेनॉल नीति का विरोध करने वाले लोगों, कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स को डराया-धमकाया जा रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
ऑनलाइन याचिका पर मिले 2.33 लाख से अधिक हस्ताक्षर
केजरीवाल ने इथेनॉल के मुद्दे पर पार्टी के हालिया टाउन हॉल प्रोग्राम की सफलता के बारे में बताया, जिसे लगभग सात लाख लोगों ने लाइव देखा था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री को संबोधित एक ऑनलाइन याचिका पर 2,33,000 से अधिक हस्ताक्षर मिल चुके हैं। केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने लगभग एक महीने पहले प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
मंगलवार को दोपहर 12 बजे पार्टी ऑफिस से शुरू होगा मार्च
प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय न मिलने के कारण, यह मार्च मंगलवार को दोपहर 12 बजे पार्टी ऑफिस से आगे बढ़ेगा, जहां वे व्यक्तिगत रूप से याचिका देने का प्रयास करेंगे। इस मार्च में 100 लोगों का डेलीगेशन शामिल होगा जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपने की कोशिश करेगा।