केजरीवाल का केंद्र पर बड़ा हमला, अमेरिकी दबाव में E20 पॉलिसी लागू करने और जनता को नजरअंदाज करने का लगाया आरोप

Kittu Kumari10 August 20262 min read120 viewsNational
केजरीवाल का केंद्र पर बड़ा हमला, अमेरिकी दबाव में E20 पॉलिसी लागू करने और जनता को नजरअंदाज करने का लगाया आरोप

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेशनल कन्वीनर और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को केंद्र सरकार की E20 पॉलिसी को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार जनता की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है और इस पॉलिसी को अमेरिका के दबाव में लागू किया जा रहा है। केजरीवाल ने पार्टी ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह बयान दिया। पार्टी ऑफिस में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

केजरीवाल ने बताया कि E20 के विरोध में 2,33,238 हस्ताक्षरों वाली एक याचिका एक महीने पहले प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को सौंपी गई थी और मिलने का समय मांगा गया था, लेकिन कोई समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जब 'आप' प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री आवास पर याचिकाएं पहुंचाने की कोशिश की, तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। केजरीवाल ने यह भी कहा कि जब AAP प्रतिनिधियों ने पीएम आवास पर याचिकाएं देने की कोशिश की तो उन्हें एंट्री नहीं दी गई।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने संसद में यह स्वीकार किया है कि E20 से गाड़ियों का माइलेज कम होता है और यह इंजन के कुछ रबर पार्ट्स को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने सवाल किया कि इन बातों को स्वीकार करने के बावजूद आखिर इस पॉलिसी को क्यों लागू किया जा रहा है। संसद में सरकार के कबूलनामे का हवाला देते हुए उन्होंने पूछा कि नुकसान की बात मानने के बाद भी पॉलिसी क्यों थोपी जा रही है।

केजरीवाल ने आगे आरोप लगाया कि भारत को अमेरिका के दबाव में एथेनॉल खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह विदेशी प्रभाव के बजाय राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे और E20 पॉलिसी को वापस ले। उन्होंने बताया कि पंजाब में 'आप' सरकार पहले ही E20 को वापस लेने का प्रस्ताव पास कर चुकी है। गोवा, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में भी 'आप' विधायक इसी तरह के प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं।

इस पॉलिसी के खिलाफ एक बड़ा जन आंदोलन शुरू करने की अपील करते हुए केजरीवाल ने नागरिकों से सड़कों पर उतरने को कहा। उन्होंने माना कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाना मुश्किल है, लेकिन अपने अधिकारों के लिए लड़ना जरूरी है। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि विदेशी मुद्रा बचाने और किसानों को फायदा पहुंचाने के दावों के विपरीत, सरकार अमेरिका से एथेनॉल आयात करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सरकार के दावों के उलट एथेनॉल के आयात की बात कहते हुए उन्होंने जनता से अपने अधिकारों के लिए लड़ने की अपील की।

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