लड़कियों पर ही क्यों पाबंदियां: अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में महिला सुरक्षा को लेकर उठाए कड़े सवाल

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को दिल्ली सरकार की आलोचना की। उन्होंने यह बात आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना के बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कही। केजरीवाल ने कहा कि महिलाओं पर पाबंदियां लगाना इसका समाधान नहीं है। एक वीडियो में उन्होंने कहा कि इस मामले के बाद दिल्ली की महिला छात्राएं बेहद गुस्से में हैं और लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऑनलाइन क्लास शुरू करने की घोषणा करके और फिर शाम या रात में घर से बाहर न निकलने की बात कहकर जले पर नमक छिड़का है। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि सभी पाबंदियां सिर्फ लड़कियों पर ही क्यों लगाई जा रही हैं। सरकार सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल रही है।
केजरीवाल ने केंद्र और दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार अक्षम है और अपना काम करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि क्या आप महिलाओं पर पाबंदियां लगा देंगे? उन्होंने दिल्ली में व्यापक स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, स्ट्रीट लाइट चालू करने और कॉलेजों के अंदर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग की। उन्होंने सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा कि महिलाएं स्वतंत्र और सुरक्षित रूप से घूम सकें। केजरीवाल ने कहा कि सरकार को सुरक्षा देनी चाहिए और पूरे दिल्ली को सीसीटीवी नेटवर्क से जोड़कर रियल टाइम आधार पर निगरानी करनी चाहिए। अंधेरे वाली जगहों पर स्ट्रीट लाइट लगानी चाहिए ताकि महिलाएं सुरक्षित महसूस करें।
आप प्रमुख ने दावा किया कि जब उनकी सरकार राष्ट्रीय राजधानी में थी, तब उन्होंने 2.62 लाख सीसीटीवी कैमरे और 2.80 लाख स्ट्रीट लाइट लगवाई थीं। उन्होंने कहा कि आज उनमें से आधे से ज्यादा काम नहीं कर रहे हैं और उन्हें चालू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर कॉलेज के अंदर दो महिला पुलिस अधिकारी होनी चाहिए। केजरीवाल ने महिलाओं को सलाह देने के बजाय उन्हें पूरा हक देने की बात कही। महिलाओं को शाम 7 बजे के बाद घर से बाहर न निकलने जैसी नसीहतें देना बंद किया जाए।
यह विरोध प्रदर्शन इस महीने की शुरुआत में दक्षिण दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ कथित गैंगरेप के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। पहला बड़ा प्रदर्शन 23 सितंबर को हुआ था, जिसमें लेडी श्री राम कॉलेज, मिरांडा हाउस और गार्गी कॉलेज सहित अन्य संस्थानों के करीब 200 छात्र सड़कों पर उतरे थे। 25 सितंबर को सैकड़ों छात्राओं ने दक्षिण परिसर के पास मार्च निकाला। सोमवार को कला संकाय में एक और बड़ा प्रदर्शन हुआ। इसके अलावा, मुखर्जी नगर में हकीकत पार्क के पास एसयूवी में सवार लोगों द्वारा दो छात्राओं का पीछा करने और उत्पीड़न का मामला भी सामने आया जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।