जंतर मंतर पर प्रदर्शन: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उतरे कपिल सिब्बल, दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

Kittu Kumari3 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
जंतर मंतर पर प्रदर्शन: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उतरे कपिल सिब्बल, दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

दिल्ली के जंतर मंतर पर उस वक्त भारी गहमागहमी रही जब वरिष्ठ वकील और राजनीतिज्ञ कपिल सिब्बल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कपिल सिब्बल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें और उनके साथियों को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया। इस विरोध प्रदर्शन में उनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण और राजनीतिक नेता योगेंद्र यादव भी मौजूद थे।

यह पूरा मामला 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन के दूसरे दिन का है। पुलिस का कहना है कि इस आयोजन के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई थी। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने 2 अक्टूबर से ही इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी थी और BNSS की धारा 163 लागू कर पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी थी। इसी कार्रवाई के तहत करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा भी शामिल थीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पास के मेट्रो स्टेशन के गेट भी बंद कर दिए गए थे।

लोकतंत्र और विरोध की आजादी पर सिब्बल के सवाल

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हिरासत के बाद एक इंटरव्यू में कपिल सिब्बल ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार के समय सार्वजनिक प्रदर्शनों पर इस तरह के पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाए जाते थे। सिब्बल ने चेतावनी दी कि अगर जंतर मंतर जैसे विरोध स्थलों को बंद किया गया, तो जनता का गुस्सा सड़कों पर उतरेगा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 'मास्टर ऑफ रोस्टर' सिस्टम और मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।

गौरतलब है कि इससे पहले 1 अक्टूबर को सिब्बल ने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' को लेकर संसदीय समिति और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के बीच प्रस्तावित बैठक को असंवैधानिक बताया था, जिसके बाद उस बैठक को स्थगित कर दिया गया।

डीसीपी सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि चूंकि CJP को प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली थी, इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को यह कदम उठाना पड़ा। नियमों के मुताबिक, जंतर मंतर पर 1,000 लोगों तक के प्रदर्शन की अनुमति दी जाती है, बशर्ते आयोजक पहले से अपनी पहचान और विवरण पुलिस को सौंप दें।

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