Kanwar Yatra 2026: दिल्ली-NCR में ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जानें रूट प्लान

दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश में वार्षिक कांवड़ यात्रा 30 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रही है, जो 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि तक चलेगी। इस दौरान लाखों शिवभक्तों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक के व्यापक इंतजाम किए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट' का संकल्प लिया है और पूरे राज्य में पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
ट्रैफिक और डायवर्जन की जानकारी
कांवड़ यात्रा के चलते 29-30 जुलाई से ही प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। नेशनल हाईवे-58 पर 4 अगस्त से 12 अगस्त तक दोनों तरफ का रास्ता केवल कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगा, जिससे आम ट्रैफिक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे 7 से 12 अगस्त तक बंद रहेगा, जबकि दिल्ली-हरिद्वार हाईवे और गंगा नहर रोड पर भी वाहनों की आवाजाही बाधित रहेगी। गाजियाबाद और नोएडा के प्रभावित इलाकों में बसों को UP गेट के जरिए NH-9 से डायवर्ट किया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए NCRTC ने नमो भारत कॉरिडोर पर 30 जुलाई से 14 अगस्त तक 52 अतिरिक्त फेरे चलाने का निर्णय लिया है।
सुरक्षा और अन्य सुविधाएं
प्रशासन ने यात्रा रूट पर सड़कों की मरम्मत, लाइटिंग, साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कांवड़ मार्ग पर मांस और शराब की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी और खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं, जिनमें एंटी-वेनम और एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध रहेंगे। सुरक्षा के मद्देनजर CCTV कैमरों और ड्रोन से लगातार निगरानी की जाएगी। इसके अलावा, महिलाओं की सुविधा के लिए प्रमुख घाटों पर अलग से चेंजिंग रूम बनाए गए हैं, जबकि उत्तराखंड सरकार ने भी भक्तों के स्वागत के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।