नकली रेबीज वैक्सीन सिंडिकेट मामले में दिल्ली और कानपुर के बीच सीधा कनेक्शन सामने आया है। अधिकारियों ने कानपुर के कलेक्टरगंज पुलिस स्टेशन में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें बिरहाना रोड स्थित न्यू आरजे एजेंसी के मालिक राजेंद्र सिंह, उनकी पत्नी बलजीत कौर और एक्सप्रेस रोड स्थित एलिक्सिर क्योर के मालिक तरनदीप सिंह शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने 592 फर्जी 'अभयराब' वैक्सीन बरामद करने के बाद राजेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया है।
छापेमारी के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ओम पाल सिंह और दिव्यानी दुबे ने दोनों फर्मों से जुड़े वेयरहाउस को सील कर दिया है। जांचकर्ताओं को बिलिंग, खरीद और बिक्री रिकॉर्ड में बड़ी अनियमितताएं मिली हैं।
यह खुलासा हुआ कि ये नकली सप्लाई कानपुर से शुरू होकर दिल्ली, उन्नाव, हरदोई और आगरा की एक एजेंसी तक बांटी जाती थीं। पूछताछ के दौरान राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने ये वैक्सीन तरनदीप सिंह से खरीदी थीं, लेकिन तरनदीप ने इस आरोप से इनकार किया है।
यह कार्रवाई ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) द्वारा जारी देशव्यापी अलर्ट के बाद की गई है। हिमाचल प्रदेश के कसौली स्थित सेंट्रल ड्रग्स लैबोरेटरी (CDL) ने 'अभयराब' के एक बैच को पोटेंसी टेस्ट में फेल होने के कारण 'मानक गुणवत्ता का नहीं' और 'गलत ब्रांडेड' घोषित किया था।
जब्त की गई शीशियों के सैंपल आगे की फोरेंसिक जांच के लिए हिमाचल प्रदेश स्थित सीडीएल भेज दिए गए हैं। दिल्ली ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट और कानपुर के ड्रग अधिकारी इस मामले में शामिल एजेंसियों की लगातार जांच कर रहे हैं।