कंगना रनौत के पर्सनालिटी राइट्स केस में दिल्ली हाई कोर्ट ने जारी किए समन

अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने अपनी छवि, नाम और पहचान के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए कानूनी रास्ता चुना है। इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को समन जारी कर दिए हैं। जस्टिस विकास महाजन की अदालत ने कंगना की उस अर्जी पर भी नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने अपनी पर्सनालिटी और पब्लिसिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए अंतरिम राहत की मांग की थी।
कंगना रनौत ने 7 अक्टूबर 2026 को अपने वकील साकेत सिकरी के जरिए यह याचिका दायर की थी। याचिका में गंभीर चिंता जताई गई है कि एआई (AI) द्वारा बनाए गए कंटेंट, फेक न्यूज और यहां तक कि अश्लील ग्राफिक्स के जरिए उनके नाम और चेहरे का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें ऐसे बयानों का भी जिक्र है, जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं, लेकिन उन्हें उनके नाम से जोड़कर फैलाया जा रहा है।
व्यंग्य और मीम्स पर कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान जस्टिस महाजन ने गौर किया कि इंटरनेट पर मौजूद कुछ एनिमेटेड कंटेंट और मीम्स व्यंग्यात्मक (satirical) लग रहे हैं। हालांकि, कंगना के वकील ने स्पष्ट किया कि फिलहाल वे इस तरह के विशिष्ट कंटेंट को हटाने की मांग नहीं कर रहे हैं। कोर्ट ने यह भी पाया कि याचिका की कॉपी मिलने के बाद कई प्रतिवादियों ने विवादित सामग्री को पहले ही हटा लिया है। इसी वजह से कोर्ट ने कंगना के वकील को पार्टियों की संशोधित सूची जमा करने का निर्देश दिया है।
दिलचस्प बात यह है कि इसी दौरान अभिनेता विजय देवरकोंडा ने भी पर्सनालिटी राइट्स को लेकर एक याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करने की बात कही। अब कंगना रनौत के इस मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी 2027 को होगी।
बता दें कि पर्सनालिटी राइट्स के तहत किसी व्यक्ति की आवाज, हस्ताक्षर और चेहरे की पहचान सुरक्षित होती है। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर और रजनीकांत जैसी बड़ी हस्तियों के लिए भी इसी तरह के आदेश दिए थे, ताकि उनके नाम और पहचान का व्यावसायिक शोषण न किया जा सके।