कंगना रनौत के पर्सनैलिटी राइट्स केस में दिल्ली हाई कोर्ट का एक्शन, जारी किए समन

अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने अपनी छवि, नाम और व्यक्तित्व के अनधिकृत उपयोग को रोकने के लिए कानूनी लड़ाई शुरू की है। इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को समन जारी कर दिया है। जस्टिस विकास महाजन की अदालत ने कंगना द्वारा दायर उस आवेदन पर भी नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने अंतरिम राहत की मांग की है ताकि उनकी पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स की रक्षा की जा सके।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कंगना की कानूनी टीम द्वारा पेश किए गए कई वेब लिंक और वीडियो देखे। कोर्ट ने गौर किया कि इनमें से कुछ सामग्री व्यंग्यात्मक (satirical) प्रतीत होती है। इस पर कंगना के वकील साकेत सिकरी ने स्पष्ट किया कि उनकी याचिका का मकसद व्यंग्य को रोकना नहीं है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य उन सामग्रियों पर लगाम लगाना है जो यौन रूप से स्पष्ट (sexually explicit), अश्लील, फर्जी खबरें या AI-जनरेटेड कंटेंट हैं, जिनमें कंगना के नाम से गलत बयान साझा किए जा रहे हैं।
AI और फर्जी कंटेंट के खिलाफ कानूनी जंग
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने निर्देश दिया है कि कंगना के वकील उन प्रतिवादियों (defendants) की एक अंतिम सूची पेश करें जिनके खिलाफ कंटेंट हटाने का आदेश मांगा गया है। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि कई लोगों ने याचिका की कॉपी मिलने के बाद विवादित सामग्री पहले ही हटा ली है। जस्टिस महाजन ने संकेत दिया कि इस मामले में अंतरिम आदेश जारी किया जाएगा और अगली सुनवाई 3 फरवरी 2027 को तय की गई है।
दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने इसी तरह के एक अन्य मामले में अभिनेता विजय देवरकोंडा के लिए भी समन जारी किया है। देवरकोंडा ने भी AI-जनरेटेड पोस्ट और गलत एंडोर्समेंट के जरिए अपनी पहचान के व्यावसायिक शोषण का आरोप लगाया है।
डिजिटल युग में अपनी पहचान बचाने की यह होड़ अब आम होती जा रही है। कंगना और विजय के अलावा अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर, रजनीकांत, जैकी श्रॉफ, ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन और सलमान खान जैसी बड़ी हस्तियां भी पहले ही अपनी पर्सनैलिटी राइट्स को सुरक्षित करने के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटा चुकी हैं।