कालकाजी मंदिर में शारदीय नवरात्रि की तैयारियां पूरी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दिल्ली का प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर शारदीय नवरात्रि के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। 11 अक्टूबर से शुरू हुआ यह उत्सव 20 अक्टूबर को दशहरा के साथ संपन्न होगा। इस दौरान दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश से लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, जिसके चलते मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
आरती का समय और दर्शन के नियम
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर के समय और पूजा विधि का विशेष विवरण जारी किया गया है। मंदिर रोजाना सुबह 4:00 बजे से रात 11:30 बजे तक खुला रहेगा। हालांकि, भोग के समय दोपहर 11:30 से 12:00 बजे और दोपहर 3:00 से 4:00 बजे तक मंदिर कुछ समय के लिए बंद रहेगा।
मंदिर में होने वाली मुख्य आरतियों का समय इस प्रकार है:
- मंगला आरती: सुबह 4:00 बजे
- बालभोग आरती: सुबह 10:00 बजे
- संध्या आरती: शाम 7:00 बजे
- शयन आरती: रात 8:00 बजे
घटस्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त बताए गए हैं: पहला सुबह 6:19 से 10:01 बजे तक और दूसरा अभिजित मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:31 बजे तक।
सुरक्षा की बात करें तो पूरे परिसर की निगरानी 200 से 250 सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों और निजी सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक बार में केवल 50 श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाएगा। सामान्य दर्शनार्थी राम प्याऊ और लोटस टेम्पल मार्ग से प्रवेश कर सकेंगे, जबकि वीआईपी पास धारकों के लिए कालकाजी मेट्रो स्टेशन के पास अलग गेट बनाया गया है।
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिसर में साउंड सिस्टम, झंडे और दंडवत यात्रा की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, श्रद्धालुओं से स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है। महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत और महासचिव सिद्धार्थ भारद्वाज ने पुष्टि की है कि सभी लॉजिस्टिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
धार्मिक माहौल को बनाए रखने के लिए एमसीडी (MCD) ने मंदिर के आसपास मांस की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। स्टैंडिंग कमेटी की चेयरपर्सन सत्य शर्मा ने कमिश्नर संजीव खिरवार को सार्वजनिक सुविधाओं के उचित रखरखाव के आदेश दिए हैं। पंडित राकेश झा ने भक्तों को पारंपरिक रीति-रिवाजों और खान-पान के नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है।