कालकाजी गैंगरेप मामले में अदालत का बड़ा फैसला, तीनों आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की से सामूहिक बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। गुरूवार, 24 सितंबर 2026 को साकेत कोर्ट में पेश करने के बाद अदालत ने आसिफ, हेमंत और मुकेश को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अदालत की कार्यवाही के दौरान आरोपी आसिफ लंगड़ाते हुए और अपने पैर पर पट्टी बांधे हुए दिखाई दिया, क्योंकि गिरफ्तारी के समय पुलिस मुठभेड़ में उसे चोटें आई थीं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने अपराध को अंजाम देने से पहले पीड़िता और उसके दोस्त को डराने के लिए खुद को पुलिसकर्मी बताया था। जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने अपने कपड़े धोकर और मोबाइल फोन से सर्च हिस्ट्री डिलीट करके सबूत मिटाने की कोशिश की थी। इस मामले की जांच कर रही फोरेंसिक टीमें यह पता लगाने के लिए बरामद मोबाइल फोन की जांच कर रही हैं कि यह अपराध पहले से सोचा-समझा था या नहीं। इसके अलावा, अधिकारियों ने आरोपियों के पास से एक पिस्तौल, एक चाकू और कंडोम बरामद किए हैं जिन्हें सबूत के तौर पर सुरक्षित रखा गया है।
इस घटना के बाद आरोपियों की पृष्ठभूमि और इलाके की सुरक्षा को लेकर भी नई जानकारियां सामने आई हैं। हेमंत को महिलाओं के प्रति गलत व्यवहार की शिकायतों के कारण घटना से लगभग एक महीने पहले एक स्थानीय जिम से निकाल दिया गया था। इस मामले के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने उस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। आस्था कुंज पार्क के अंदर पर्याप्त रोशनी न होने, सीसीटीवी कैमरे न होने और पुलिस गश्त की कमी को लेकर 23 सितंबर को चिंता जताई गई थी जिसके बाद ये सुधार किए जा रहे हैं।