कालिंदी कुंज ट्रैफिक जाम पर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, अधिकारियों ने दी बड़ी राहत की जानकारी

दिल्ली के कालिंदी कुंज में भारी बारिश और रूट डायवर्जन के बाद लगे भयंकर ट्रैफिक जाम पर सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छिड़ गई है। इस समस्या से परेशान यात्रियों ने घंटों फंसे रहने पर अपनी नाराजगी जताई है, जिसमें कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने स्थिति को 'गंभीर व्यवस्था' बताया है और मज़ाक में कहा है कि यहां से निकलना 'हरमुज जलडमरुमध्य' को पार करने से भी ज्यादा आसान है।
ट्रैफिक पाबंदियां और पुलिस की तैनाती
कालिंदी कुंज रोड और गाजियाबाद तथा दिल्ली-एनसीआर के अन्य मार्गों पर 5 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक कांवड़ यात्रा के कारण हल्के कमर्शियल वाहनों (कार, पिकअप, मिनी-ट्रक, टेम्पो) पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा, 11 अगस्त 2026 तक दिल्ली-आगरा हाईवे पर भारी और मध्यम कमर्शियल वाहनों पर प्रतिबंध है, जिससे कालिंदी कुंज के रास्ते भी प्रभावित हुए हैं। ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 1,800 से अधिक कर्मियों को तैनात किया है, जो कालिंदी कुंज और मथुरा रोड के रास्ते तीर्थयात्रियों के लिए विशेष रूट तय कर रहे हैं, और ओखला बर्ड सेंचुरी रूट पर 30 जुलाई 2026 से ट्रैफिक पुलिस ड्यूटी पर है।
कालिंदी कुंज चौराहे के लिए लॉन्ग-टर्म सॉल्यूशन
लगातार लग रहे जाम से निपटने के लिए, AIIMS फ्लाईओवर की तर्ज पर कालिंदी कुंज चौराहे को दो लूप फ्लाईओवर के साथ सिग्नल-फ्री जोन बनाने के लॉन्ग-टर्म सॉल्यूशन को मंजूरी मिल गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, जिसके लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट फाइनल हो चुकी है और इसकी अनुमानित लागत 350 करोड़ रुपये से अधिक है। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए रोजाना के जाम को कम करना है।
नए फ्लाईओवर और प्रोजेक्ट का काम
योजनाबद्ध फ्लाईओवर में एक नोएडा को मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला और दूसरा फरीदाबाद व मुंबई एक्सप्रेसवे को नोएडा से जोड़ने वाला शामिल है, जो सीधे ओखला बैराज रोड से जुड़ेगा। इन नई संरचनाओं के निर्माण के दौरान, मौजूदा कालिंदी कुंज चौराहा चालू रहेगा और लोकल ट्रैफिक को आसान बनाने के लिए इसमें सुधार और चौड़ीकरण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए आधिकारिक कंप्लीशन टाइमलाइन की घोषणा जल्द ही किए जाने की उम्मीद है।