कालिंदी कुंज में युवक की चाकू गोदकर बेरहमी से हत्या, रंजिश में वारदात, 4 गिरफ्तार

दक्षिण पूर्व दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में बुधवार को एक खौफनाक वारदात सामने आई है, जहां एक 23 साल के युवक की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। यह पूरी घटना श्रीराम चौक पर हुई, जिसे पास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद किया गया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतक की पहचान शाहिद हुसैन के रूप में हुई है, जो शाहीन बाग के अबुल फजल एन्क्लेव-II का रहने वाला था। जानकारी के मुताबिक, शाहिद अपनी स्कूटी से जा रहा था, तभी एक काली स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार चार हमलावरों ने उसे रोका। हमलावरों ने उसे स्कूटी से नीचे गिराया और ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। गंभीर हालत में उसे अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम 5:32 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया।
तिहाड़ जेल से शुरू हुई दुश्मनी ने ली जान
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह हत्या पुरानी रंजिश का नतीजा थी। कालिंदी कुंज पुलिस स्टेशन के हेड कॉन्स्टेबल मनीष और कॉन्स्टेबल अवधेश ने बताया कि शाहिद हुसैन महज दो दिन पहले ही जेल से रिहा हुआ था। पुलिस के अनुसार, शाहिद का आपराधिक इतिहास रहा है।
जांच में पता चला है कि शाहिद और तरुण उर्फ रंजन के बीच साल 2025 में तिहाड़ जेल के दौरान विवाद हुआ था। पुलिस का मानना है कि तरुण को डर था कि शाहिद रिहा होने के बाद उससे बदला ले सकता है, इसलिए उसने पहले ही इस हत्याकांड की साजिश रच डाली।
पुलिस ने अब तक करण (alias करम शाह), अबुजर (alias सोनू), गौरव गुम्मा और मोनू मलिक (alias साबिर) को गिरफ्तार किया है। इनमें से करण मोटरसाइकिल चला रहा था और हमले के दौरान उसके पैर में चोट आई थी, जबकि अबुजर ने वारदात के लिए बाइक मुहैया कराई थी।
पुलिस अब शाबिद मलिक नाम के एक शख्स से पूछताछ कर रही है, जिससे शाहिद ने हमले से ठीक पहले एक रेस्टोरेंट में मुलाकात की थी। शक है कि शाबिद ने ही शाहिद को उस जगह तक पहुँचाने में मदद की जहाँ हमलावरों ने उसे घेरा। फिलहाल पुलिस मास्टरमाइंड तरुण और उसके साथियों अमन और राजा की तलाश में छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया है, जहाँ पुलिस ने हथियार बरामद करने और साजिश की गहराई जानने के लिए उनकी चार दिन की रिमांड मांगी है।