कालिंदी कुंज में खूनी रंजिश: 23 साल के युवक की चाकू गोदकर हत्या, 4 गिरफ्तार

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में बुधवार को एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां 23 वर्षीय शाहिद हुसैन की बेरहमी से चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी वारदात श्रीराम चौक पर हुई, जिसने इलाके में दहशत फैला दी।
पुलिस जांच में पता चला है कि इस हत्याकांड की जड़ें साल 2025 में तिहाड़ जेल के भीतर शुरू हुए एक विवाद से जुड़ी हैं। मृतक शाहिद हुसैन, जो शाहीन बाग के अब्दुल फजल एन्क्लेव-II का रहने वाला था, हाल ही में जेल से रिहा हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शाहिद एक 'बदचलन' (bad character) घोषित व्यक्ति था और उसके खिलाफ शाहीन बाग थाने में कई आपराधिक मामले दर्ज थे। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी तरुण उर्फ रंजन को डर था कि जेल से बाहर आने के बाद शाहिद उसे निशाना बना सकता है, जिसके चलते इस साजिश को रचा गया।
शराब पीने के बाद घर लौटते समय हुआ हमला
वारदात वाले दिन शाहिद बसंतपुर के एक रेस्टोरेंट में अपने परिचित शबिद मलिक उर्फ मोनू के साथ शराब पी रहा था। जब वह अपनी स्कूटी से वापस लौट रहा था, तभी मोटरसाइकिल पर सवार चार हमलावरों ने उसे घेर लिया और उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले के दौरान आरोपियों में से एक, करण उर्फ करम शाह के बाएं पैर में भी चाकू लग गया।
घटना के बाद कांस्टेबल अवधेश ने घायल शाहिद को तुरंत अपोलो अस्पताल पहुँचाया, लेकिन शाम 5:32 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने गुरुवार को करण (21 वर्ष), अबुजर (27 वर्ष), मोनू मलिक उर्फ साबिर और गौरव गुम्मा को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में एक चौंकाने वाला पहलू सीसीटीवी फुटेज में भी दिखा, जिसमें देखा गया कि हमलावरों ने जब शाहिद पर वार किया, तो वहां मौजूद लोग मूकदर्शक बने रहे और किसी ने भी उसकी मदद करने की कोशिश नहीं की। फिलहाल पुलिस ने शबिद मलिक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। मुख्य आरोपी तरुण उर्फ रंजन और उसके दो अन्य साथी अमन और राजा अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। पुलिस अब वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों को बरामद करने की कोशिश कर रही है।