Kalindi Kunj Bridge और नए Flyovers से Delhi-NCR में Property Prices और Rents में होगी बढ़ोतरी

दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के आसपास के इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतों और किराए में तेजी आने की संभावना है, जिसके पीछे प्रस्तावित कालंदी कुंज ब्रिज (Kalindi Kunj bridge) और दो सिग्नल-फ्री फ्लाईओवर्स (signal-free flyovers) हैं। इस प्रमुख बुनियादी ढांचे के विकास का उद्देश्य दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के बीच बिना सिग्नल के निर्बाध यात्रा प्रदान करना है, जिससे दैनिक ट्रैफिक जाम काफी हद तक कम हो सके।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दिल्ली-नोएडा सीमा के पास कालंदी कुंज में दो-वे फ्लाईओवर के लंबे समय से लंबित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अप्रैल 2026 में हुई मंजूरी बैठक के बाद इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) अगस्त 2026 में अंतिम रूप दी गई थी। इस प्रोजेक्ट में दो लूप फ्लाईओवर शामिल हैं: एक नोएडा (कालंदी कुंज ब्रिज के रास्ते) से फरीदाबाद और मुंबई एक्सप्रेसवे (Mumbai Expressway) की ओर जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए, और दूसरा फरीदाबाद और मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधे ओखला बैराज रोड (Okhla Barrage Road) होते हुए नोएडा की तरफ ट्रैफिक भेजने के लिए। इसके अलावा, कालंदी कुंज बैराज को मल्टी-लेन, मल्टी-ब्रिज कॉरिडोर में बदला जा रहा है, और अक्टूबर 2024 में कालंदी कुंज रोड को छह फ्लाईओवर्स के साथ चार-लेन हाईवे में विस्तारित करने की DPR मंजूर हुई थी, जो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ती है।
प्रॉपर्टी डिमांड और कनेक्टिविटी पर असर
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कालंदी कुंज जंक्शन सिग्नल-फ्री हो जाएगा, जिससे कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा और यात्रा का समय घटेगा। इस बेहतर बुनियादी ढांचे से प्रॉपर्टी की मांग बढ़ने की उम्मीद है, जिसमें दिल्ली में सरिता विहार, शाहीन बाग, जसोला और ओखला, साथ ही नोएडा के सेक्टर 168, 150 और 149A, और फरीदाबाद का आगरा कैनाल रोड बेल्ट (Agra Canal Road belt) शामिल हैं। इन क्षेत्रों में प्रॉपर्टी के मूल्यों और किराए में काफी बढ़ोतरी होने का अनुमान है। आने वाले आवागमन सुधारों के कारण कालंदी कुंज और सरिता विहार में प्रॉपर्टी की मांग में पहले ही ऊपर की ओर रुझान दिखाई दे चुका है।