पुलिस टीम पर फायरिंग मामला: कोर्ट ने संदीप उर्फ काला जठेरी को किया डिस्चार्ज

Kittu Kumari8 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
पुलिस टीम पर फायरिंग मामला: कोर्ट ने संदीप उर्फ काला जठेरी को किया डिस्चार्ज

दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस टीम पर फायरिंग और हत्या के प्रयास के एक गंभीर मामले में आरोपी संदीप उर्फ काला जठेरी को बड़ी राहत दी है। द्वारका जिला अदालत ने सबूतों की कमी का हवाला देते हुए काला जठेरी को इस केस से मुक्त (डिस्चार्ज) कर दिया है। हालांकि, इस मामले में शामिल अन्य चार आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं।

यह पूरा मामला अगस्त 2023 का है, जब बामनोली इलाके में पुलिस टीम पर हमला हुआ था। पुलिस के मुताबिक, रात करीब 12:25 बजे एक मोटरसाइकिल पर दो लोग बैरिकेडिंग पॉइंट की ओर आ रहे थे। जब पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, तो उन्होंने भागने की कोशिश की। आरोप है कि मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे शख्स ने सब-इंस्पेक्टर सचिन गुलिया को मारने की नीयत से गोली चलाई, जिसके जवाब में एसआई ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। वहीं, दूसरे आरोपी ने कांस्टेबल धीरज पर गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन उसकी पिस्टल मिसफायर हो गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया, जिनकी पहचान विक्की और नरेंद्र के रूप में हुई।

सबूतों के अभाव में मिली राहत

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) रविंदर सिंह ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि संदीप उर्फ काला जठेरी के खिलाफ कोई स्वतंत्र सबूत नहीं मिले हैं। कोर्ट ने पाया कि उसके खिलाफ केवल सह-आरोपियों के बयानों के आधार पर मामला बनाया गया था, जिसमें उसे गैंग लीडर बताया गया था और कहा गया था कि उसने इस वारदात के निर्देश दिए थे।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, "सह-आरोपियों के केवल खुलासे वाले बयान, बिना किसी रिकवरी या स्वतंत्र पुष्टि के, संदीप के खिलाफ कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं बनाते। उसके पास से कोई हथियार या गोला-बारूद बरामद नहीं हुआ है और न ही मौके पर उसकी किसी भूमिका की पुष्टि हुई है।" अदालत ने यह भी नोट किया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), इलेक्ट्रॉनिक सबूत या किसी स्वतंत्र गवाह के जरिए उसे इस साजिश से जोड़ने वाला कोई प्रमाण रिकॉर्ड पर नहीं आया है।

वहीं, कोर्ट ने अन्य आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विक्की उर्फ वीरा और नरेंद्र उर्फ बंता के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 353, 186, 34 और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं। इसके अलावा मनप्रीत गोलू और कृष्ण के खिलाफ भी आर्म्स एक्ट के तहत मामला चलाने का आदेश दिया गया है।

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