जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे बने दिल्ली हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस

दिल्ली हाई कोर्ट में एक बड़ा बदलाव हुआ है। राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे को दिल्ली हाई कोर्ट का एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त किया है। यह नियुक्ति मौजूदा चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में पदोन्नत होने के बाद की गई है। जस्टिस साम्ब्रे उस दिन से कार्यभार संभालेंगे जब जस्टिस उपाध्याय अपना पद छोड़ेंगे। बता दें कि जस्टिस उपाध्याय मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में शपथ लेंगे।
अनुभव और करियर का सफर
जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे का कानूनी और न्यायिक सफर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है। 19 दिसंबर 1967 को नागपुर में जन्मे जस्टिस साम्ब्रे ने अपनी शुरुआती शिक्षा सोमलवार हाई स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने शिवाजी साइंस कॉलेज से बी.कॉम और यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लॉ, नागपुर से 1992 में एलएलबी की डिग्री हासिल की।
वकालत की दुनिया में कदम रखते हुए उन्होंने 25 अगस्त 1992 को बतौर एडवोकेट पंजीकरण कराया। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट की मुंबई, औरंगाबाद और नागपुर की तीनों बेंचों के सामने सिविल, रिट और आपराधिक मामलों में अपनी प्रैक्टिस की। उनके अनुभव की एक झलक उनके द्वारा संभाले गए पदों से मिलती है:
- बार एसोसिएशन: 2004 से 2007 तक नागपुर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव रहे।
- सरकारी वकील: 1 सितंबर 2007 से गवर्नमेंट प्लीडर और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के रूप में कार्य किया।
- कॉर्पोरेट अनुभव: उन्होंने भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल, बीएचईएल, टाटा संस और गोदरेज जैसे बड़े संस्थानों के स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में काम किया।
न्यायिक करियर की बात करें तो उन्हें 6 जनवरी 2014 को बॉम्बे हाई कोर्ट का एडिशनल जज बनाया गया और 2 मार्च 2016 को वे स्थायी जज बने। बॉम्बे हाई कोर्ट में रहते हुए उन्होंने कई प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभाईं, जिनमें महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, नागपुर की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष और स्टेट ज्यूडिशियल एकेडमी की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य के रूप में कार्य करना शामिल है।
जस्टिस साम्ब्रे ने 21 जुलाई 2025 को दिल्ली हाई कोर्ट के जज के रूप में कार्यभार संभाला था और अब वे इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।